म्यांमार से जुड़े साइबर अपराध नेटवर्क पर चीन का बड़ा एक्शन! 15 लोगों को दी फांसी की सजा, जानें क्या है पूरा मामला?

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China Scam Network Crackdown: चीन ने म्यांमार से जुड़े बड़े साइबर ठगी और अवैध जुए के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए चार दोषियों को फांसी की सजा दी है। यह जानकारी दक्षिणी शहर शेनझेन की अदालत ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सजा पर अमल किस दिन किया गया। इन दोषियों पर छह चीनी नागरिकों की हत्या कराने और अरबों डॉलर की ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप था। China Scam Network Crackdown: अरबों रुपये की ठगी और संगीन अपराधों का खुलासा अदालत के अनुसार, इस गिरोह ने म्यांमार के…

China Scam Network Crackdown: चीन ने म्यांमार से जुड़े बड़े साइबर ठगी और अवैध जुए के नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए चार दोषियों को फांसी की सजा दी है। यह जानकारी दक्षिणी शहर शेनझेन की अदालत ने सोमवार, 2 फरवरी 2026 को दी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि सजा पर अमल किस दिन किया गया। इन दोषियों पर छह चीनी नागरिकों की हत्या कराने और अरबों डॉलर की ठगी का नेटवर्क चलाने का आरोप था।

China Scam Network Crackdown: अरबों रुपये की ठगी और संगीन अपराधों का खुलासा

अदालत के अनुसार, इस गिरोह ने म्यांमार के कोकांग इलाके में कई औद्योगिक पार्क बनाए थे, जहां से ऑनलाइन धोखाधड़ी, अवैध कैसीनो और अन्य अपराध संचालित किए जाते थे। इन केंद्रों से अपहरण, जबरन मजदूरी, वेश्यावृत्ति और ड्रग तस्करी जैसे अपराध भी किए जा रहे थे। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क ने लोगों से करीब 29 अरब युआन यानी लगभग 4.2 अरब डॉलर की ठगी की थी। इसके अलावा, इनके कारण कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए।

China Myanmar Telecom Scam: कुख्यात बाई परिवार का नाम भी शामिल

इस मामले में गिरोह के मुखिया बाई सुओचेंग समेत कई सदस्यों को पहले ही मौत की सजा सुनाई गई थी। हालांकि सजा के बाद बीमारी के कारण बाई सुओचेंग की मौत हो गई। बाकी चार दोषियों को अब फांसी दी गई है। इन लोगों ने अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की थी, लेकिन ग्वांगडोंग की उच्च अदालत ने उनकी अपील खारिज कर दी।

China Death Penalty: इससे पहले भी 11 दोषियों को दी जा चुकी है फांसी

इससे कुछ दिन पहले, 29 जनवरी 2026 को भी चीन ने म्यांमार से जुड़े साइबर अपराध गिरोहों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लोगों को फांसी दी थी। ये सभी लोग ऑनलाइन ठगी, हत्या, अपहरण और अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए थे। इनमें मिंग परिवार से जुड़े अपराधी भी थे, जिनकी वजह से कई चीनी नागरिकों की मौत हुई थी।

म्यांमार के सीमावर्ती इलाकों में फल-फूल रहा था स्कैम उद्योग

म्यांमार के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों से साइबर ठगी के अड्डे तेजी से बढ़े हैं। यहां विदेशी नागरिकों को बहला-फुसलाकर या तस्करी के जरिए लाया जाता था और उनसे जबरन ऑनलाइन धोखाधड़ी करवाई जाती थी। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें काम का झांसा देकर बंधक बना लिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ रहा दबाव

संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने इन साइबर अपराधों को लेकर चिंता जताई है। रिपोर्टों के मुताबिक यह अवैध नेटवर्क हर साल करीब 40 अरब डॉलर से ज्यादा की ठगी करता है। चीन ने म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों के साथ मिलकर इन अपराधों पर रोक लगाने के लिए सहयोग बढ़ाया है। इसके तहत हजारों लोगों को बचाकर चीन वापस लाया गया है।

साइबर अपराध के खिलाफ चीन का कड़ा संदेश

इन फांसियों को चीन की ओर से एक कड़ा संदेश माना जा रहा है कि वह साइबर ठगी और संगठित अपराध के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरतेगा। सरकार का कहना है कि ऐसे अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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Amit Kumar

अमित कुमार पिछले 3 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्हें विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन, आईआईएमसी से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। पत्रकारिता की शुरुआत उन्होंने वेबसाइट पर लिखने से की। इसके बाद इंडिया डेली न्यूज़ चैनल और न्यूज़ इंडिया 24x7 में हिंदी सब-एडिटर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।