अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर ‘वान्या फाउंडेशन’ ने निकाला महिलाओं का जागरूकता मार्च, समानता और सुरक्षा का दिया संदेश

Empowering Messages for Women

Empowering Messages for Women : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वान्या फाउंडेशन के नेतृत्व में कस्बे के बाबा मंसाराम मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने एकत्र होकर जागरूकता मार्च निकाला। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना था।

नारे और तख्तियों के साथ निकाला मार्च

कार्यक्रम की शुरुआत बाबा मंसाराम मंदिर से हुई, जहां से महिलाओं ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर मार्च शुरू किया। मार्च तहसील मुख्यालय से गुजरते हुए पांच नंबर पानी टंकी तक पहुंचा।

मार्च के दौरान महिलाओं ने “महिलाओं की एकता जिंदाबाद”, “महिलाओं पर हिंसा बंद हो”, “बेटी-बेटा एक समान”, “बाल विवाह बंद करो” और “महिला शक्ति जिंदाबाद” जैसे नारे लगाए। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग भी शामिल हुए।

फूलों से हुआ स्वागत

जब मार्च पांच नंबर पानी टंकी के पास पहुंचा तो नगर पालिका परिषद की ओर से महिलाओं का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इसके बाद यह मार्च एक सभा में बदल गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने महिलाओं के अधिकार, शिक्षा और सामाजिक समानता पर अपने विचार रखे। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षित महिला सशक्त समाज और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि नारी शक्ति के बिना किसी भी मजबूत राष्ट्र की कल्पना अधूरी है। वक्ताओं ने यह भी कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपने संघर्ष और मेहनत के बल पर आगे बढ़ रही हैं और समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।

UP News Today : ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए कार्यरत है संस्था

वान्या फाउंडेशन की सचिव रामलली पटेल ने बताया कि संस्था ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण, सामाजिक उत्थान और बाल कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाना है।

संस्था की उपाध्यक्ष कमरुन निशा ने कहा कि आजादी के कई दशक बीत जाने के बावजूद समाज में बाल विवाह, घरेलू हिंसा और कन्या भ्रूण हत्या जैसी समस्याएं अब भी मौजूद हैं। वहीं विजेता कनौजिया ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि आज भी कई जगहों पर बेटियों को गर्भ में ही मार दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कानून मौजूद होने के बावजूद जागरूकता की कमी के कारण यह अपराध पूरी तरह खत्म नहीं हो पाया है।

बड़ी संख्या में महिलाओं की रही भागीदारी

सभा को हरीशंकर गुप्ता, कांशीराम भार्गव, सुषमा भार्गव और फूलजहां बानो सहित कई लोगों ने संबोधित किया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस अवसर पर रेशमा, नेहा वर्मा, निर्मला देवी, अनिता देवी, रेनू, सरला सिंह, रामप्यारी, रामकुमारी, शांति, लेखरानी, प्रेम कली, रूपा, कुसमा, सरस्वती, गीता, उपेंद्र, सुनीता देवी, सरिता देवी, गोमती देवी, रिया शुक्ला, पिंकी यादव, श्वेता यादव, शीलू, आराध्या, सलामा, दयाराम गौतम, शिवकुमार, अनूप कुमार, प्रियंका देवी, निर्मल यादव और पंकज भारतीय समेत सैकड़ों महिलाओं और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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