Hathras सत्संग भगदड़ मामला: 5 अप्रैल को जिला न्यायालय में होगी अगली सुनवाई

Summary :

5 अप्रैल को चार्ज से संबंधित प्रक्रिया डिफेंस के लिए पूरी की जाएगी

उत्तर प्रदेश के हाथरस में नारायण साकार हरि के सत्संग के दौरान मची भगदड़ मामले में हाथरस जिला न्यायालय में चल रही सुनवाई को लेकर अधिवक्ता एपी सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अप्रैल की तारीख निर्धारित की है।

अधिवक्ता एपी सिंह ने कहा, “हाथरस जिला न्यायालय में पिछले साल 2 जुलाई को हुई एक दुखद घटना के मामले की सुनवाई चल रही थी। सोमवार को जिला जज अलीगढ़ में निरीक्षण के लिए गए थे, जिसके कारण इस मामले की अगली सुनवाई की तारीख 5 अप्रैल तय की गई है। 5 अप्रैल को इस मामले में चार्ज से संबंधित प्रक्रिया डिफेंस के लिए पूरी की जाएगी। इस केस में 11 आरोपी बनाए गए हैं, जो पूरी तरह से निर्दोष हैं। यह एक साजिश, षड्यंत्र और मनगढ़ंत झूठ का पुलिंदा है, जिसके आधार पर चार्जशीट फाइल की गई।”

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उन्होंने आगे कहा कि यह बात अदालत में साबित हो रही है और हाईकोर्ट में भी यह सिद्ध हो रहा है। पुलिस की चार्जशीट में कोई सत्यता नहीं है, सब कुछ झूठा गढ़ा गया है। इसका पर्दाफाश हो रहा है। ये लोग सत्य, सत्यता और मानवता के आधार पर काम कर रहे थे। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। बाधाएं और विपदाएं आती हैं, सत्य अकेला खड़ा होकर जीतता है।

हाथरस के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया और इसे विधान मंडल के दोनों सदनों में भी रखा गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी हेमंत राव और पूर्व आईपीएस अधिकारी भवेश कुमार सिंह सदस्य के रूप में शामिल थे।

उन्होंने आगे कहा कि यह बात अदालत में साबित हो रही है और हाईकोर्ट में भी यह सिद्ध हो रहा है। पुलिस की चार्जशीट में कोई सत्यता नहीं है, सब कुछ झूठा गढ़ा गया है। इसका पर्दाफाश हो रहा है। ये लोग सत्य, सत्यता और मानवता के आधार पर काम कर रहे थे। सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं। बाधाएं और विपदाएं आती हैं, सत्य अकेला खड़ा होकर जीतता है।

हाथरस के ग्राम फुलरई मुगलगढ़ी में 2 जुलाई 2024 को साकार नारायण विश्व हरि उर्फ भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस भगदड़ में 121 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।

न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट को कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया और इसे विधान मंडल के दोनों सदनों में भी रखा गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता वाले इस आयोग ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। आयोग में पूर्व आईएएस अधिकारी हेमंत राव और पूर्व आईपीएस अधिकारी भवेश कुमार सिंह सदस्य के रूप में शामिल थे।

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.