Indore News Today: मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पेयजल से लोगों की मौत के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। सीएम ने इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त को तत्काल पद से हटाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही जल वितरण से जुड़े विभाग का प्रभार संभाल रहे प्रभारी अधीक्षण यंत्री से यह जिम्मेदारी वापस ले ली गई है। जिला कलेक्टर (डीएम) को भी नोटिस जारी कर पूरे मामले में जवाब मांगा गया है।
Indore News Today: उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंदौर में दूषित पेयजल प्रकरण पर की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। इस दौरान नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई। सीएम ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर निगम में खाली पड़े जरूरी पदों को तुरंत भरने के भी आदेश दिए गए हैं।
Indore Water Contamination News: शिकायतों के बावजूद अनदेखी
इंदौर में दूषित पानी पीने से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई हफ्तों से शहर के कुछ इलाकों में गंदे पानी की सप्लाई हो रही थी। स्थानीय वार्डवासियों ने बार-बार इसकी शिकायत की, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि पीने के पानी में सीवर का पानी मिल गया और हालात बेहद गंभीर हो गए।

Indore Water Crisis: नगर निगम की बड़ी लापरवाही उजागर
जांच में सामने आया है कि दूषित पानी की समस्या केवल भागीरथपुरा तक सीमित नहीं थी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार शहर के कुल 59 स्थानों पर सप्लाई का पानी पीने योग्य नहीं पाया गया। बोर्ड ने नगर निगम को तीन बार पत्र लिखकर चेतावनी दी थी और साफ पानी की आपूर्ति से पहले उचित उपचार की सलाह दी थी, लेकिन इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया।
Monhan Yadav Indore Action: 60 में से 59 सैंपल फेल
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने वर्ष 2016-17 और 2017-18 के दौरान इंदौर के 60 अलग-अलग स्थानों से पानी के सैंपल लिए थे। इनकी जांच रिपोर्ट 2019 में आई, जिसमें 59 सैंपल असफल पाए गए। जांच में पानी में टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी पाई गई, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। इससे उल्टी, दस्त, पेट दर्द और गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

इन इलाकों में पानी पीना खतरनाक
जिन क्षेत्रों में पानी पीने योग्य नहीं पाया गया, उनमें भागीरथपुरा, खातीपुरा, रामनगर, नाहर शाहवली रोड, खजराना, गोविंद कॉलोनी, शंकर बाग कॉलोनी, परदेशीपुरा, सदर बाजार, राजवाड़ा और जूनी इंदौर जैसे घनी आबादी वाले इलाके शामिल हैं। इन सभी जगहों से लिए गए सैंपल में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिला था। इस संबंध में नगर निगम को समय-समय पर जानकारी दी जाती रही, लेकिन जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
सरकार का संदेश साफ
मुख्यमंत्री की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि दूषित पानी और जनस्वास्थ्य से जुड़ी लापरवाही को सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। अब उम्मीद की जा रही है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी और शहरवासियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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