Indore Contaminated Water Death: मध्य प्रदेश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर इन दिनों अपनी खूबसूरती और स्वछता के लिए नहीं बल्कि किसी और वजह से चर्चा में है। शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी का कहर बढ़ रहा है। अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा लोग बीमार बताए जा रहे हैं। यहां बीते कई दिनों से लोग गंदा पानी सप्लाई होने की शिकायत कर रहे थे। सोमवार को जब 100 से ज्यादा लोगों को उल्टी-दस्त होने पर अस्पताल जाना पड़ा, तब मामले की गंभीरता का पता चला।
Indore Water Deaths: 34 लोगों की हालत गंभीर

अधिकारियों की लापरवाही का यह आलम है कि 26 दिसंबर को उल्टी-दस्त से पहली मौत के बाद भी जिम्मेदारों ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोमवार को अस्पताल पहुंचे लगभग 100 में से 34 लोगों की हालत इतनी गंभीर थी कि उन्हें भर्ती करना पड़ा। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा इलाके की है, जो प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र, इंदौर-एक में आता है।
उल्टी-दस्त की बढ़ी शिकायतें

जानकारी के मुताबिक, भागीरथपुरा क्षेत्र में 24 दिसंबर से लगातार लोग बीमार हो रहे हैं। शुरुआत में कुछ मरीज आए लेकिन धीरे-धीरे संख्या बढ़ने लगी। उल्टी-दस्त की शिकायतों के बाद कई लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस मामले में अब सरकार की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। दूषित पानी से स्थानीय लोगों के संक्रमित होने के कारण शासन ने जोनल अधिकारी जोन 4 शालिग्राम शितोले और प्रभारी सहायक यंत्री पीएचई योगेश जोशी को निलंबित कर दिया है। वहीं प्रभारी उपयंत्री पीएचई शुभम श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई। मुख्यमंत्री ने इस कार्रवाई की जानकारी एक्स पर ट्वीट कर दिया है।
Indore Death News: मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि
इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई घटना बेहद दुखद है। मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपचाररत प्रभावितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। स्थिति पर नजर…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 30, 2025
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुई इस घटना को गंभीरता से लिया है और कलेक्टर को दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, पूरी घटना की गहरी जांच के लिए तीन सदस्यीय एक समिति का गठन किया गया है।
इस समिति का नेतृत्व आईएएस नवजीवन पंवार करेंगे, जबकि प्रदीप निगम (सुप्रिडेंट इंजीनियर) और डॉ. शैलेश राय (मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर) को भी समिति में शामिल किया गया है। यह समिति मामले की पूरी जांच करेगी और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारजनों को 2-2 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। मरीजों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
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