बहुचर्चित शीना बोरा हत्याकांड की मुख्य आरोपी इंद्राणी मुखजीं को वर्ष 2017 के आईएनएक्स मीडिया मामले में 23 मई को दिल्ली की अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में इंद्राणी के पति पीटर मुखर्जी और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम समेत अन्य लोग भी आरोपी हैं।
इस वर्ष जनवरी में इंद्राणी ने कथित भ्रष्टाचार से जुड़ इस मामले में सरकारी गवाह बनने का आवेदन दिया था। मजिस्ट्रेट के समक्ष दिये बयान में इंद्राणी ने कार्ति पर आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की कार्रवाई से बचाने के एवज में उनसे तथा उनके पति से 10 लाख अमेरिकी डॉलर की मांग करने का आरोप लगाया था। इंद्राणी और पीटर दोनों ही आईएनएक्स मीडिया के निदेशक थे।
कार्ति पर आरोप है कि उसने रिश्वत के ऐवज में इंद्राणी और पीटर की मदद के लिए तत्कालीन वित्त मंत्री के पुत्र होने का प्रभाव का इस्तेमाल किया।
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इंद्राणी के सरकारी गवाह बनने पर अपनी ‘अनापत्ति’ दी थी लेकिन अदालत ने उनके सरकारी गवाह बनने की संभावना का पता लगाने के लिए उन्हें अदालत के समक्ष पेश करने को कहा था। पिछले महीने, इंद्राणी ने सीबीआई को लिखे एक पत्र में सह-आरोपी से प्रभावित होकर अपने बयान वापस लेने का दावा किया था। इसके बाद सीबीआई अधिकारी ने उनसे मिलने के लिए अदालत से अनुमति मांगी थी।
सीबीआई के अधिकारी ने शुक्रवार को शीना बोरा हत्याकांड की सुनवाई कर रही मुंबई स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में आवेदन देकर इंद्राणी को दिल्ली की अदालत में पेश करने की इजाजत मांगी है। अदालत ने जेल अधिकारियों को इंद्राणी को सीबीआई की महिला अधिकारी को सौंपने का निर्देश दिया ताकि उन्हें दिल्ली की अदालत में पेश किया जा सके।


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