Iran attacks Abu Dhabi: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी जंग ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। दरअसल, शुक्रवार को ईरान की ओर से दागी गई एक मिसाइल को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एयर डिफेंस सिस्टम ने अबू धाबी के अजबान इलाके में हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, मिसाइल के टुकड़े जमीन पर गिरने से हादसा हो गया। इस घटना में 5 भारतीय नागरिक घायल हो गए। यह हमला क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव को दर्शाता है।
Iran attacks Abu Dhabi: कुल 12 लोग घायल, नेपाली नागरिक भी शामिल
सरकारी मीडिया कार्यालय के मुताबिक, मिसाइल को हवा में रोकने के बाद उसके मलबे की चपेट में आने से कुल 12 लोग घायल हुए हैं। घायलों में 7 लोग नेपाल के नागरिक बताए जा रहे हैं। इनमें से एक नेपाली नागरिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हबशान गैस संयंत्र बंद, आग लगने की घटना
इस घटना से पहले UAE के अधिकारियों ने हबशान स्थित गैस संयंत्रों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया था। जानकारी के अनुसार, एक अन्य मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के बाद उसका मलबा गैस प्लांट के पास गिरा, जिससे वहां आग लग गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं आई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लांट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया।
कुवैत में भी हमला, रिफाइनरी और प्लांट प्रभावित
ईरान के हमले सिर्फ UAE तक सीमित नहीं रहे। शुक्रवार को कुवैत में भी एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जहां आग लगने की सूचना है। इसके अलावा एक डीसैलिनेशन (समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाला) प्लांट भी क्षतिग्रस्त हुआ है। इन हमलों से खाड़ी देशों में चिंता और बढ़ गई है।
इजरायल और बहरीन भी निशाने पर
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इजरायल और बहरीन पर भी हमले किए हैं। वहीं, ईरान के भीतर भी हलचल देखी जा रही है। एक्टिविस्ट्स का कहना है कि तेहरान और इस्फहान के आसपास के इलाकों में भी हमलों की गतिविधियां दर्ज की गई हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब कई देशों में फैल चुका है।
जंग खत्म करने के संकेत, डील की बात
इस बीच, ईरान के एक पूर्व शीर्ष राजनयिक ने युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का रास्ता सुझाया है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने उच्च स्तर के एनरिच्ड यूरेनियम को कम करने पर विचार कर सकता है। साथ ही, उन्होंने प्रस्ताव दिया कि पूरे क्षेत्र के लिए एक साझा यूरेनियम एनरिचमेंट केंद्र बनाया जाए, जिसमें चीन और रूस को भी शामिल किया जा सकता है। इस योजना के तहत ईरान अपने सभी संवेदनशील परमाणु संसाधन और उपकरण एक ही जगह स्थानांतरित कर सकता है।
क्षेत्र में बढ़ता खतरा
लगातार हो रहे हमलों से मिडिल ईस्ट में हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और आम लोगों में भी डर का माहौल है। अगर जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकला, तो यह संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।
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