राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने पर ‘आप’ का जवाब, कहा – ‘पार्टी लाइन से भटके’

Summary :

AAP Leaders on Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने को समान्य कार्रवाई बताते उनके बयान पर पलटवार किया है। पार्टी ने राघव चड्ढा पूछा है कि वह देश और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं? लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ काम कर रहे थे। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने और एलपीजी संकट पर सदन में बोलने से इन्कार करने समेत कई बार राघव चड्ढा ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया। एक…

AAP Leaders on Raghav Chadha : आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाने को समान्य कार्रवाई बताते उनके बयान पर पलटवार किया है। पार्टी ने राघव चड्ढा पूछा है कि वह देश और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर भाजपा या मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं? लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ काम कर रहे थे।

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने और एलपीजी संकट पर सदन में बोलने से इन्कार करने समेत कई बार राघव चड्ढा ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया। एक लंबे अरसे से राघव चड्ढा ने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया है, जिसमें उन्होंने मोदी सरकार से सवाल किए हों। पार्टी का कहना है कि केजरीवाल ने सबको निडरता और साहस से लड़ना सिखाया है, लेकिन राघव चड्ढा भाजपा और मोदी सरकार से सवाल करने से डर रहे हैं। ऐसे डर की राजनीति कैसे चलेगी?

क्या कहा भगवंत मान ने-

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राघव चड्ढा के मुद्दे पर कहा कि यह पार्टी का फैसला है। पार्टियां इस तरह के फैसले लेती रहती हैं। संसद में अपना नेता और उपनेता बदलती रहती है। जब मैं पहली बार चुनाव जीता तो उस समय पार्टी ने डॉ. गांधी को नेता बनाया। कुछ समय बाद मैं भी पार्लियामेंट बोर्ड का नेता बना। यह पार्टी का निर्णय है। ऐसे छोटे-छोटे निर्णय होते रहते हैं।

कई बार लोकसभा और राज्यसभा में सभी विपक्षी पार्टियों को एकमत में फैसला लेना होता है। जैसे सदन से वॉकआउट करना या सरकार की नीतियों का विरोध करना हो। अगर कोई व्यक्ति इन सामूहिक फैसलों का समर्थन नहीं करता है और पार्टी लाइन के विपरित जाता है तो फिर वह पार्टी के व्हिप के खिलाफ है। कोई भी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाएगा, तो उस पर कार्रवाई होगी।

भाजपा के खिलाफ राघव की चुप्पी- संजय सिंह

‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने कहा कि हम लोग अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही हैं और हमने अरविंद केजरीवाल से एक ही बात सीखी है- निडरता, हिम्मत और साहस के साथ लड़ना और संघर्ष करना। लेकिन बड़े अफसोस के साथ यह कहना पड़ रहा है कि देश के तमाम मुद्दों पर जब मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव आता है, तो राघव चड्ढा उस पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं। पश्चिम बंगाल में लोगों के वोट के अधिकार छीने जा रहे हैं।

दिल्ली में हम लोगों ने देखा कि किस तरह से चुनाव आयोग का दुरुपयोग हुआ। जब पंजाब का मुद्दा होता है, तो उस वक्त वह खामोश रहते हैं, कुछ नहीं बोलते हैं। वह प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ आवाज नहीं निकालते हैं।

संजय सिंह ने आगे कहा कि जनहित से जुड़े जो मुद्दे, देश, आम आदमी पार्टी और पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़े हुए हैं, उन पर राघव चड्ढा चुप रहते हैं। गुजरात में “आप” कार्यकर्ताओं को पीटा-मारा जाता है, उस पर वह नहीं बोलते हैं। पंजाब के तमाम अधिकारों को छीनने का काम मोदी सरकार करती है, उस पर भी वह कुछ नहीं बोलते हैं। जब बहुत सारे मुद्दों पर सदन से वॉकआउट करने का मामला आता है, तो उस समय वह वॉकआउट नहीं करते हैं। ये तमाम चीजें हैं, जिसका जवाब देश और जनता राघव चड्ढा से चाहती है।

संसद में सॉफ्ट पीआर का आरोप

आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा से कहा कि हमने तो एक ही बात सीखी है कि ‘‘जो डर गया, समझो मर गया।’’ हम सबको तो सरकार की आंखों में आंखें डालकर जनता के मुद्दे उठाने थे। पिछले कुछ दिनों में हमने देखा है कि जो भी व्यक्ति सरकार के खिलाफ गंभीर मुद्दे उठाता है, सरकार से सवाल पूछता है और लोगों की बात करता है, सरकार एक तानाशाह की तरह उसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन कर रही है। चाहे वह एक्स हो, फेसबुक हो या यूट्यूब, हर जगह बैन किया जा रहा है। एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। मुकदमे किए जा रहे हैं।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई संसद में अपना सॉफ्ट पीआर करे। संसद में एक छोटी सी पार्टी के पास बेहद सीमित समय होता है। उसमें अगर कोई समोसों की बात उठा रहा है, तो उससे कहीं ज्यादा जरूरी है कि देश के बड़े मुद्दों को उठाया जाए। उन्होंने कहा कि पूरे देश के हर राज्य में हमने देखा है कि चुनाव से पहले सही लोगों के वोट काटे जाते हैं और फर्जी व झूठे वोट बनाकर सरकार पूरी बेईमानी से सिस्टम पर कब्जा करके चुनाव जीत रही है। पश्चिम बंगाल में भी यही हो रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि हम लोगों को पंजाब के मुद्दे उठाने हैं। जहां से आप चुनकर आए हैं, आप उन मुद्दों को उठाने से भी घबराते हैं। अभी गुजरात में आम आदमी पार्टी के करीब 160 कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई, कई लोगों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन आप उस पर भी चुप रहे। आम आदमी पार्टी के तमाम नेता जेल में थे। अरविंद केजरीवाल को बतौर मुख्यमंत्री सरकार ने एक झूठे मुकदमे में गिरफ्तार कर लिया, उस समय भी आप देश में नहीं थे और कहीं जाकर छिप गए थे।

आतिशी ने कहा – भाजपा से इतना डर क्यों?

उधर, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने राघव चड्ढा से सवाल करते हुए कहा कि वह भाजपा से इतना क्यों डरते हैं? वह भाजपा पर सवाल उठाने से क्यों डरते हैं? वह मोदी जी से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं? आज हमारा देश एक बहुत बड़े संकट से गुजर रहा है। आज हमारे देश के लोकतंत्र और संविधान पर खतरा मंडरा रहा है। आज हमारी आंखों के सामने चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके पश्चिम बंगाल का चुनाव चुराया जा रहा है, लेकिन वह उस पर सवाल नहीं उठा रहे हैं। वह उस पर बोलने से डर रहे हैं।

आतिशी ने कहा कि आज देश के आम आदमी के सामने सबसे बड़ा संकट एलपीजी गैस सिलेंडर का है। राघव चड्ढा तो बड़े आदमी हैं, राज्यसभा के सांसद हैं, हो सकता है उनको दिक्कत ना आती हो। लेकिन एक आम परिवार, एक छोटे से मकान या कच्ची कॉलोनी में रहने वाले और एक गैस सिलेंडर कनेक्शन वाले परिवार को आज अपने बच्चों के लिए खाना बनाने में भारी दिक्कत हो रही है। पिता सोच रहे हैं कि काम पर जाऊं और दिहाड़ी लेकर आऊं, या लंबी-लंबी लाइनों में खड़ा होकर गैस का सिलेंडर ले आऊं ताकि कल मेरे बच्चों के लिए लंच बन सके।

आतिशी ने आगे कहा कि हो सकता है कि राघव चड्ढा मोदी जी से डरते हों, हो सकता है कि वह जेल जाने से डरते हों। लेकिन हम अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं। हम ना भाजपा से डरते हैं, ना मोदी जी से डरते हैं, ना उनकी एजेंसियों से डरते हैं और ना ही जेल जाने से डरते हैं। इसलिए हम इस देश के आम आदमी की आवाज उठाते आए हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।

गुजरात में कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी पर चुप राघव – अनुराग ढांडा

वहीं, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि कोई मोदी से डर जाए तो देश के लिए क्या लड़ेगा? पार्टी को संसद में बोलने का थोड़ा सा समय मिलता है। उसमें या तो देश बचाने का संघर्ष कर सकते हैं या एयरपोर्ट कैंटीन में समोसे सस्ते करवाने का। गुजरात में हमारे सैंकड़ों कार्यकर्ता भाजपा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिए, क्या सांसद साहब सदन में कुछ बोले?

अनुराग ढांडा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोट का अधिकार छीना जा रहा है। सदन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव आया तो भाई साहब ने साइन करने से मना कर दिया। पार्टी ने सदन से वाकआउट किया तो मोदी जी की हाज़िरी लगाने के लिए बैठे रहते हैं। पिछले कुछ सालों से तुम डर गए हो राघव। मोदी के खिलाफ बोलने से घबराते हो। देश के असली मुद्दों पर बोलने से घबराते हो। जो डर गया वो समझो मर गया।

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।