Iran Ceasefire Conditions To US: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच अब ईरान ने युद्ध रोकने के लिए 7 ऐसी शर्तें रख दी है जिसे अमेरिका का मानना बेहद ही मुश्किल है। जंग के बीच ट्रंप ने कई बार दावा किया है कि ईरान के टॉप अधिकारी समेत सभी सेनाओं को कमजोर कर दिया है और ईरान के साथ जल्द ही समझौता होने वाला है लेकिन इस बयान पर ईरानी सेना का भी पलटवार आया है।
इसी बीच अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस सीजफायर कराने के लिए पाकिस्तान दौरे पर जा रहे है और माना जा रहा है कि इस शांति वार्ता में पाक मध्यस्थता की भूमिका निभा सकता है। जानते है ईरान की सभी शर्तों के बारे में…
Iran Demands For Ceasefire: युद्धविराम के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी

ईरान ने युद्धविराम के लिए अमेरिका के सामने 7 शर्तें रखी है जिसके आधार पर सीजफायर के लिए ईरान तैयार होगा।
- ईरान ने पहली शर्त रखी है कि फारसी खाड़ी और पश्चिम एशिया में अमेरिका अपनी सेना वापस बुलाए और सैन्य ठिकानें बंद हो।
- इस जंग में ईरान को जितना भी नुकसान हुआ है उसका मुआवजा दिया जाए।
- ईरान के नियंत्रण वाले मुख्य समुद्री गलियारो होमुर्ज से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स वसूलने का अधिकार दिया जाए।
- ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाए।
- ईरान की मिसाइलों पर कोई भी नियम ना लगाए जाए। ईरान अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों के निर्माण और रेंज पर बातचीत नहीं करेगा।
- लेबनान में हिज्बुल्लाह की रक्षा की मांग उठाई है और इजरायली हमलों को रोका जाए।
- युद्ध के बाद ईरान ने सुरक्षा की गारंटी की भी मांग उठाई है।
Iran-US War End Conditions: शर्त मानना नामुमकिन
ईरान ने अमेरिका के आगे ऐसी शर्त रखी है जिससे मानना नामुमकिन साबित होता है क्योंकि अमेरिका हमेशा से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइलों के खिलाफ आवाज उठाते आया है और मांग में बैलिस्टिक मिसाइलों की रेंज ना बताने की शर्त रखी गई है। वहीं युद्ध में भरपाई के लिए मुआवजे की मांग रखी गई है और माना जा रहा है कि यह मुआवजा लगभग 500 अरब डॉलर तक हो सकता है और अमेरिका इतना मुआवजा मुश्किल देगा।
Iran Ceasefire Conditions To US: पाकिस्तान शांति वार्ता पर अहम रोल निभाएगा
खाड़ी देशों की जारी जंग में पाकिस्तान शांति वार्ता पर अहम रोल निभा सकता है और अमेरिका के उप-राष्ट्रपति जेडी वेंस भी पाकिस्तान दौरे पर जा रहे है साथ ही कई बड़े अधिकारी भी इस्लामाबाद का दौरा करेंगे। पाकिस्तान दौरे से पहले ही ईरान ने अपनी शर्त रख दी है और माना जा रहा है कि इन्हीं शर्तों पर पाकिस्तान में चर्चा की जा सकती है लेकिन इससे मानना मुश्किल नजर आ रहा है।
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