ईरानी हमलों का निशाना बनेंगे जहाज, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए लेनी होगी अनुमति

Summary :

Iran Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे मुख्य मार्ग बन गया है जहां से गुजरते समय जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) नौसेना बल के कमांडर ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की अनुमति प्राप्त करनी होगी, अगर कोई इजाजत नहीं लेता है तो वह ईरानी हमलों का निशाना बन सकता है। वहीं रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसिरी ने कहा कि जलडमरूमध्य में उन दो जहाजों को निशाना बनाया गया जिन्होंने ईरान की चेतावनियों को…

Iran Hormuz Strait: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य सबसे मुख्य मार्ग बन गया है जहां से गुजरते समय जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) नौसेना बल के कमांडर ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को ईरान की अनुमति प्राप्त करनी होगी, अगर कोई इजाजत नहीं लेता है तो वह ईरानी हमलों का निशाना बन सकता है। वहीं रियर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसिरी ने कहा कि जलडमरूमध्य में उन दो जहाजों को निशाना बनाया गया जिन्होंने ईरान की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था।

ईरानी जनरल ने सवाल पूछते हुए कहा कि क्या जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग का आश्वासन दिया गया था? यह सवाल एक्सप्रेस रोम और मयूरी नारी नामक जहाजों के चालक दल से पूछा जाना चाहिए, जिन्होंने आज खोखले वादों पर भरोसा करते हुए चेतावनियों को नजरअंदाज किया और जलडमरूमध्य को पार करने का इरादा किया, लेकिन पकड़े गए। किसी भी जहाज को जो वहां से गुजरना चाहता है, उसे ईरान से अनुमति लेनी होगी।

बता दें कि अमेरिका और इज़रायल के बीच जारी हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के आवागमन पर प्रतिबंध और कड़ा कर दिया है। ईरान का कहना है कि जो जहाज अमेरिका और इज़रायल के सहयोगी नहीं है, वह सुरक्षित रूप से वहां से गुजर सकते हैं जलडमरूमध्य से गुजरते समय थाई मालवाहक पोत मयूरी नारी पर ईरान ने मिसाइल अटैक कर दिया। जिसके बाद भारत का कड़ा जवाब भी सामने आया है।

ईरान और ओमान को अलग करने वाले संकरे जलमार्ग से प्रतिदिन 2 करोड़ बैरल से अधिक कच्चे तेल का परिवहन होता है। यह मात्रा वैश्विक तेल खपत का लगभग पाँचवाँ हिस्सा और समुद्री मार्ग से होने वाले तेल व्यापार का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। विश्व की प्राकृतिक गैस का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। जब यह प्रवाह थोड़े समय के लिए भी बाधित होता है, तो इसके गंभीर परिणाम विश्व भर के वित्तीय बाजारों, आपूर्ति श्रृंखलाओं और घरेलू बजटों पर पड़ते हैं।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।