खुद का देश संभल नहीं रहा, दूसरों की जंग रुकवाने के लिए बिचौलिया बना PAK, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्री बैठक छोड़कर हुए रवाना

Summary :

Islamabad Foreign Minister Meeting: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच पाकिस्तान की हालात खराब हो रखी है। तेल गैस की किल्लत के साथ ही तालिबान के लड़ाके पाकिस्तान पर कहर बनकर टूट रहे है और ताबड़तोड़ गोलीबारी के साथ हवाई हमले भी किए जा रहे है। इसी बीच पाकिस्तान की दयनीय हालात होने के बाद भी दूसरों की जंग रुकवाने के लिए बिचौलिया बन रहा है और युद्ध रुकवाने के लिए बेताब है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश भी की और इस्लामाबाद में विदेश मंत्रियों की दो दिनों की अहम बैठक आयोजित की गई लेकिन यह बैठक एक दिन…

Islamabad Foreign Minister Meeting: खाड़ी देशों में जारी जंग के बीच पाकिस्तान की हालात खराब हो रखी है। तेल गैस की किल्लत के साथ ही तालिबान के लड़ाके पाकिस्तान पर कहर बनकर टूट रहे है और ताबड़तोड़ गोलीबारी के साथ हवाई हमले भी किए जा रहे है। इसी बीच पाकिस्तान की दयनीय हालात होने के बाद भी दूसरों की जंग रुकवाने के लिए बिचौलिया बन रहा है और युद्ध रुकवाने के लिए बेताब है। पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश भी की और इस्लामाबाद में विदेश मंत्रियों की दो दिनों की अहम बैठक आयोजित की गई लेकिन यह बैठक एक दिन पहले ही समाप्त हो गई।

Islamabad Foreign Minister Meeting: मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका

Islamabad Foreign Minister Meeting (1)
Islamabad Foreign Minister Meeting (Source: Social Media)

बिचौलिया बना पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है जहां इस्लामाबाद में 29–30 मार्च को दो दिनों बैठक आयोजित की गई थी जिसमें तु्र्की, सऊदी अरब और मिस्र के विदेश मंत्रियों शामिल हुए थे लेकिन यह बैठक एक दिन पहले ही समाप्त हो गई और सभी विदेश मंत्री वापस लौट गए है। बताया जा रहा है कि इस बातचीत में मध्यस्थता का ढांचा तैयार किया जाना था लेकिन बात नहीं बन पाई और पाकिस्तान को करारा झटका लगा है।

मध्यस्थ के रूप में बिचौलिया बन रहा है पाकिस्तान

पाकिस्तान अप्रत्याशित रूप से अमेरिका-ईरान संघर्ष में मध्यस्थ के रूप में बिचौलिया बन रहा है  और अपने राजनयिक संबंधों का लाभ उठा रहा है, जबकि अफगानिस्तान के साथ उसका अपना चल रहा युद्ध क्षेत्र के अन्य देशों द्वारा मध्यस्थता के कई प्रयासों के बावजूद अनसुलझा बना हुआ है। इस्लामाबाद एक व्यापक क्षेत्रीय युद्ध को टालने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच गुप्त बातचित को सुविधाजनक बना रहा है।

Islamabad Foreign Minister Meeting: मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने का इरादा

Islamabad Foreign Minister Meeting
Islamabad Foreign Minister Meeting (Source: Social Media)

अफगानिस्तान से पीटने के बाद भी पाकिस्तान का इस्लामाबाद खुद को प्रमुख मध्यस्थ के रूप में स्थापित करने का इरादा रखता है और उसने अमेरिका और ईरान के उच्च स्तरीय सरकारी अधिकारियों की भागीदारी वाली सीधी बातचीत की मेजबानी के प्रस्ताव रखे हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने व्हाइट हाउस के साथ अपने बढ़ते संबंधों और सऊदी अरब, यूएई और तुर्की जैसी क्षेत्रीय शक्तियों के साथ पाकिस्तान के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का लाभ उठाकर इस प्रयास को आगे बढ़ाया है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि पाकिस्तानी मध्यस्थों द्वारा बनाई गई संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता सकारात्मक प्रगति कर रही है।

ALSO READ: ईरान ने इजरायल में उड़ाया केमिकल प्लांट, गैस रिसाव का खतरा, लोगों को घर में रहने की चेतावनी

Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।