Israel Attacking Lebanon Phosphorus Munitions: मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका ने ईरान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए है और कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है साथ ही इजरायल ने हिजबुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया है और लेबनान के रिहायशी इलाकों में बमबारी की है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय संस्था ‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए रिपोर्ट जारी की है और कहा कि इजरायल ने 3 मार्च 2026 को लेबनान के रिहायशी इलाकों में तोप से व्हाइट फॉस्फोरस बम दागे है और यह अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का कड़ा उल्लंघन है। बताया जा रहा है कि हवा में व्हाइट फॉस्फोरस के बम फटे है जिसके बाद कई घरों, गाड़ियों में भीषण आग लग गई है।
Israel Attacking Lebanon Phosphorus Munitions: व्हाइट फॉस्फोरस बम से हमला किया
‘ह्यूमन राइट्स वॉच’ (Human Rights Watch) ने अपनी रिपोर्ट में जांच और जियोलोकेशन के बाद स्पष्ट कर दिया है कि इजरायल की सेना ने व्हाइट फॉस्फोरस बम से हमला किया है। जिसके बाद लेबनान के रिहायशी इलाकों में घरों में आग लग गई और कारों को भी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान शोधकर्ता रैमजी कैस ने जानकारी देते हुए बताया कि सफेद फॉस्फोरस बम के इस्तेमाल से सिर्फ नुकसान ही नहीं ब्लकि लेबनान के लोगों को जिंदगी भर कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और यह बेहद ही चिंताजनक है।
कई जगहों में भीषण आग लगने का खतरा
बताया जाता है कि सफेद फॉस्फोरस बम रसायनिक हथियार है और यह अवैध भी है। इसे तोप से दागने के बाद यह ऑक्सीजन के संपर्क में आता है और जलने लगता है जिसके बाद कई जगहों में भीषण आग लगने का खतरा बना रहता है। M825-सीरीज के बम दागने के बाद एक साथ लगभग 116 जलते हुए टुकड़े निकलते और लगभग 250 मीटर तक फैल जाते है जिसके बाद इन क्षेत्रों में आग लगने, लोगों की मौत और संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता है।


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