Akhilesh Yadav on Om Birla : संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार, 9 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है। सत्र की शुरुआत से पहले ही लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के प्रस्ताव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी दल इस मुद्दे पर अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस विषय पर अंतिम निर्णय फ्लोर लीडर्स की बैठक में लिया जाएगा।
अखिलेश यादव का केंद्र सरकार पर निशाना
कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव से जब स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति और महंगाई को लेकर भी आलोचना की। उनका कहना था कि मौजूदा हालात में कई भारतीय नागरिक विदेशों में फंसे हुए हैं और वे त्योहार भी नहीं मना पाए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में सरकार क्या कदम उठा रही है।
पहले दिन ही प्रस्ताव पर प्रक्रिया संभव
बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन ही लोकसभा में अध्यक्ष को पद से हटाने से जुड़े प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। विपक्षी सदस्यों द्वारा दिए गए नोटिस को कार्यसूची में शामिल किया गया है।
नियमों के मुताबिक, जब पीठासीन अधिकारी इस विषय को सदन में लाएंगे, तब कम से कम 50 सांसदों को नोटिस के समर्थन में खड़ा होना होगा। यदि इतना समर्थन मिल जाता है, तो प्रस्ताव को सदन के विचार के लिए स्वीकार कर लिया जाएगा और उसके बाद इस पर चर्चा और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी।
Akhilesh Yadav on Om Birla : संख्या बल सरकार के पक्ष में
अगर 50 सदस्य समर्थन में खड़े नहीं होते हैं तो प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाएगा। इस मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्षी दल दोनों ने अपने सांसदों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है।
हालांकि लोकसभा में संख्या बल सरकार के पक्ष में अधिक होने के कारण माना जा रहा है कि प्रस्ताव पारित होने की संभावना कम है।
कांग्रेस सांसद पेश करेंगे प्रस्ताव
लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाने के प्रस्ताव के लिए कांग्रेस के तीन सांसद—मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लू रवि—सदन से अनुमति मांगेंगे। यदि कम से कम 50 सांसद समर्थन में खड़े हो जाते हैं तो यह प्रस्ताव चर्चा और मतदान के लिए पेश किया जाएगा।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, इस प्रक्रिया के दौरान लोकसभा अध्यक्ष सदन में मौजूद रह सकते हैं, अपनी बात रख सकते हैं और मतदान भी कर सकते हैं। हालांकि जिस समय इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी, उस दौरान वे सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं कर सकते।


Download Android App
Download iOS App




