Japan Australia Refused to Send Warships : 28 मार्च से ईरान-अमेरिका इजराइल की जंग चल रही है।आज जंग का 17वां दिन है। इस बीच जापान और ऑस्ट्रेलिया ने होर्मुज स्ट्रेट में वॉरशिप भेजने से इनकार कर दिया है।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक जापान की पीएम साने ताकाइची ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए नौसेना भेजने का कोई इरादा नहीं है। जापान अपनी क्रूड ऑयल का लगभग 90% और LNG का 11% इस रूट से ले जाता है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने भी साफ कर दिया है कि वह होर्मुज में अपने युद्धपोत नहीं भेजेगा। ऑस्ट्रेलिया खुद LNG एक्सपोर्ट करता है, लेकिन रिफाइंड फ्यूल (पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल) के लिए आयात पर निर्भर है। ऑस्ट्रेलिया के क्रूड ऑयल का 40-60% इस रूट से गुजरता है।
दरअसल, ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट का इस्तेमाल करने वाले देशों से इस रास्ते का रक्षा करने के लिए वॉरशिप और जरूरी मदद भेजने की मांग की थी। जिसके समर्थन में वह दूसरे देशों को जुटाना चाहता है। हालांकि इस पर हामी भरने के लिए अभी कोई आगे नहीं आया है।
Importance Strait of Hormuz: क्यों है इतना जरूरी

बता दें, दुनियाभर का 20% तेल इसी रूट से गुजरता है। यह एक संकरा समुद्री रास्ता है जिस पर ईरान ने इस समय अपना कब्जा जमा लिया है। इस रास्ते से दुनिया भर को ईंधन मिलता है। ईरान-अमेरिका में युद्ध शुरू होने के बाद इसी रास्ते पर ईरान ने अपना लंगर डाल दिया जिस चलते दुनिया भर में इसका असर दिखना शुरू हुआ।
Japan Australia Refused to Send Warships: ट्रम्प की धमकी

बता दें, इसे लेकर ट्रम्प ने रविवार को NATO देशों को भी धमकी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर सहयोगी देश होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने में मदद नहीं करते हैं तो NATO का भविष्य बहुत खराब हो सकता है। बता दें, अमेरिका लगातार NATO देशों को इस युद्ध में आने के लिए उकसा रहा है, लेकिन अभी तक किसी ने सीधे तौर पर युद्ध में आने की हामी नहीं भरी है। जो युद्ध अमेरिका 4-5 दिनों में खत्म करने की फिराक में था वही युद्ध अब सिरदर्द बनता जा रहा है।
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