Khaleda Zia Death: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री और BNP अध्यक्ष खालिदा जिया ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। वह लंबे समय से बीमार चल रही थी। बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। 80 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी मृत्यु के साथ ही बांग्लादेश के एक राजनीतिक युग का अंत हो गया है।
इन बीमारियों से जूझ रही थी खालिदा
पिछले कुछ दिनों से खालिदा ज़िया की हालत बहुत नाजुक बनी हुई थी। ढाका के अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, वे कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं, जैसे लिवर की बीमारी, फेफड़ों का इंफेक्शन, घुटनों का दर्द, शुगर और दिल की समस्या। हाल ही में उनकी हालत और बिगड़ी, जिससे उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा। डॉक्टरों की सारी कोशिशों के बावजूद, उनके शरीर के कुछ अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।
Khaleda Zia: 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी

खालिदा जिया बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की प्रमुख भी थीं। खालिदा 1991 में बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी। उन्होंने तीन बार बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाला। खालिदा और शेख हसीना के बीच की राजनीतिक टकराव को ‘बैटल ऑफ बेगम्स’ कहा जाता था, जिसने बांग्लादेश की राजनीति पर दशकों तक असर डाला। 1981 में अपने पति, राष्ट्रपति जियाउर रहमान की हत्या के बाद, खालिदा ने राजनीति में कदम रखा और सैन्य शासन के खिलाफ लोकतांत्रिक आंदोलन की अगुवाई की।
Bangladesh News: संघर्षों से भरा खालिदा का जीवन

खालिदा जिया की मृत्यु की खबर से बांग्लादेश में शोक की लहर दौड़ गई है। BNP के कार्यकर्ता और समर्थक ढाका की सड़कों और अस्पताल के बाहर इकट्ठा हो गए हैं। पार्टी ने इसे देश के लिए एक ‘अपूरणीय क्षति’ बताया है। आपको बता दें, हाल ही में 17 साल के बाद खालिदा के बेटे तारिक रहमान लंदन से बांग्लादेश लौटे थे। अपनी मां के अंतिम समय में वह उनके पास मौजूद रहे।
बेगम खालिदा ज़िया का जीवन संघर्षों से भरा रहा, जीत, हार, जेल और बीमारी के बीच उन्होंने अपना रास्ता तय किया। उनके समर्थकों के लिए वे ‘देशनेत्री’ थीं। उनकी मृत्यु न केवल BNP, बल्कि पूरी दक्षिण एशियाई राजनीति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है।
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