Maharashtra: भाजपा नेता Ashish Shelar ने उद्धव ठाकरे को बताया ढोंगी हिंदुत्ववादी

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राम मंदिर उत्सव में ठाकरे की गैरमौजूदगी पर शेलार का निशाना

भारतीय जनता पार्टी के नेता आशीष शेलार ने शुक्रवार को शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर हिंदुत्व के प्रति दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हिंदुत्व से जुड़ा रुख दिन-ब-दिन उजागर हो रहा है और महाराष्ट्र की जनता अब उन्हें “ढोंगी हिंदुत्ववादी” के रूप में पहचानने लगी है।

आशीष शेलार ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के ऐतिहासिक अवसर पर जहां देशभर में खुशी का माहौल था, वहीं उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे ने इस उत्सव में कोई भागीदारी नहीं की। यह उनके हिंदुत्व को लेकर दोहरे रवैये को उजागर करता है। जब छत्रपति संभाजी महाराज की शौर्य गाथा पर आधारित फिल्म ‘छावा’ रिलीज हुई, तो उद्धव और आदित्य ठाकरे ने इस पर कोई उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं दी। यह भी उनकी हिंदुत्व से जुड़ी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे ने वीर सावरकर को सम्मानित किया। लेकिन, जब उन्होंने सावरकर के विरोधियों के साथ गठबंधन किया, तो यह उनके हिंदुत्ववादी विचारों से गद्दारी मानी गई।

उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे को यह समझना चाहिए कि जिन कांग्रेसियों ने आंदोलन के दौरान गोलियां चलाईं, आज उन्हीं के साथ गठबंधन करना उनकी बड़ी गलती थी। साल 2019 में भाजपा-शिवसेना गठबंधन के साथ चुनाव लड़ा गया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद शिवसेना (उद्धव गुट) ने भाजपा को धोखा देकर कांग्रेस-एनसीपी के साथ सरकार बनाई। इसे गद्दारी के रूप में देखा गया और उद्धव ठाकरे को “गद्दारों का शिरोमणि” कहा गया।

इसके साथ ही उन्होंने बीएमसी में घोटाले की भी बात कही। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में बीएमसी में कई घोटाले हुए, जिनकी जांच अब शुरू हो गई है। इन घोटालों का पर्दाफाश हो रहा है और ठाकरे ने अपनी रक्षा के लिए कोर्ट में याचिका दायर की।

आशीष शेलार ने कहा कि महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर राजनीति करना गलत है। राज्य की जनता इन अपराधों से आहत है और यह जरूरी है कि दोषियों को सख्त सजा देने के लिए कठोर कानून बनाए जाएं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मराठा साम्राज्य की महानता को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए छत्रपति शिवाजी महाराज के 12 किलों को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए प्रस्ताव भेजा है। यह कदम महाराष्ट्र की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने का प्रयास है।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे और उनके गुट ने हिंदुत्व का केवल दिखावा किया है। सत्ता के लिए उन्होंने कांग्रेस और एनसीपी से गठबंधन किया, जिनका हिंदुत्व से कोई संबंध नहीं है। अब महाराष्ट्र की जनता इन ढोंगी हिंदुत्ववादियों को पहचान चुकी है।

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