Mojtaba Khamenei Net Worth: आयतुल्लाह खोमेनेई की मौत के बाद ईरान में नए सुप्रीम लीडर चुने गए हैं। नाम है मोजतबा खोमेनेई। युद्ध के बीच उनका चुना जाना दुनिया के लिए बड़े संदेश से कम नहीं। इस बीच उन पर चर्चा जोरों से चल पड़ी है। वे कौन हैं, क्या करते रहे हैं, कैसे इतने बड़े पद तक पहुंचे।
Mojtaba Khamenei Net Worth: कौन हैं मोजतबा खोमेनेई?

बता दें, मोजतबा हुसैनी खामेनेई एक ईरानी राजनीतिज्ञ और शिया धर्मगुरु हैं, जो 8 मार्च 2026 को ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता बने हैं। खामेनेई परिवार के सदस्य और दूसरे सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के दूसरे पुत्र के रूप में, उन्होंने प्रभावी रूप से अपने पिता के सर्वोच्च नेता के रूप में उप चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य किया, उनके कार्यालय तक पहुंच और सभी राजनीतिक और सुरक्षा मामलों की देखरेख की।
मशहद में अज़ेरी – फ़ारसी खामेनेई परिवार में जन्मे, वे नौ वर्ष के थे जब उनके पिता ईरानी क्रांति में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में उभरे। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा सरदश्त और महाबाद में प्राप्त की और तेहरान से हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद, उन्होंने अपने पिता और महमूद हाशमी शाहरूदी के मार्गदर्शन में इस्लामी धर्मशास्त्र का अध्ययन किया। वे 1987 में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) में शामिल हुए और ईरान-इराक युद्ध में सेवा की।
1999 में, उन्होंने धर्मगुरु बनने के लिए क़ोम में अपनी पढ़ाई जारी रखी और बाद में क़ोम मदरसा में धर्मशास्त्र के शिक्षक के रूप में शामिल हुए। उन्होंने 2009 में बसीज अर्धसैनिक स्वयंसेवी मिलिशिया का नियंत्रण संभाला।
संपत्ति बनी चर्चा का विषय

मगर इन चर्चाओं के बीच सबसे बड़ी चर्चा उनकी संपत्ति की हो रही है। बता दें वे ईरान के सबसे अमीर व्यक्तियों में से हैं। उनकी संपत्तियां लंदन से लेकर दुबई और यूरोप तक फैली हुई है। उनके या उनके करीबियों के नाम पर लंदन में लग्जरी हवेलियां, दुबई में आलीशान विला और यूरोप में कई होटल हैं।
मोजतबा की संपत्ति को लेकर ब्लूमबर्ग ने रिपोर्ट छापी है. यह रिपोर्ट खामेनेई परिवार के करीबी लोगों से बातचीत पर आधारित हैं. हालांकि इस रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संपत्तियां सीधे तौर पर खामेनेई परिवार के नाम पर दर्ज नहीं हैं बल्कि उनके प्रॉक्सी यानी बेहद करीबी लोग इन संपत्तियों के मालिक हैं, जो खामेनेई परिवार की तरफ से हर तरह की डील करते हैं.
इस धंधे के पीछे शेल कंपनियों का एक बड़ा नेटवर्क लगा हुआ है. इनके स्विस बैंक में कई खाते हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरानी तेल की बिक्री से ये संपत्तियां जुटाई गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ने 2019 ईरान पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे. इसके बावजूद आयतुल्लाह अली खामेनेई के परिवार के पास दुनिया के कई शहरों में अरबों डॉलर की संपत्तियां हैं. ये सारी संपतियां मुख्य बिचौलिये अली अंसारी के नाम पर है. अंसारी एक 57 वर्षीय ईरानी बिजनेसमैन हैं.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बेवर्ली हिल्स ऑफ दुबई यानी एमिरेट्स हिल्स इलाके में खामेनेई परिवार का एक लग्जरी विला होने है. यह विला आलीशान और बेहद लग्जरी है। इस विला में ऐशोआराम के तमाम साधन हैं।
लंदन में कई हवेलियां
लंदन के फेमस द बिशप्स एवेन्यू में खामेनेई परिवार की कई हवेलियां हैं. इन हवेलियों के बाहर निजी गार्ड्स तैनात रहते हैं. इन हवेलियों की कीमत 13 करोड़ डॉलर भारतीय रुपए में 12,00,06,31,500 से अधिक आंकी गई है. ब्लूमबर्ग की जांच में लंदन में ऐसी 12 प्रोपर्टी की पता चला जो खामेनेई परिवार की बताई गई.
Mojtaba Khamenei: यूरोप में अकूत संपत्ति
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित हिल्टन फ्रैंकफर्ट ग्रेवेनब्रुच—जो स्पा, कंट्री क्लब और बॉलरूम जैसी सुविधाओं वाला एक लग्जरी फाइव-स्टार होटल है—भी इन संपत्तियों में शामिल बताया जाता है। इसके अलावा स्पेन के मालोर्का में एक अपस्केल होटल, टोरंटो में फोर सीजन्स प्राइवेट रेजिडेंस का पेंटहाउस और पेरिस में एक इमारत का हिस्सा भी इस पोर्टफोलियो से जुड़ा बताया गया है।
टोरंटो स्थित इस पेंटहाउस की कीमत साल 2020 में करीब 77 लाख डॉलर आंकी गई थी। कुछ रिपोर्ट्स में अंसारी के यूरोप में फैले निवेश का कुल मूल्य लगभग 40 करोड़ पाउंड (करीब 4 हजार करोड़ रुपये) बताया गया है, जिसे मोजतबा से जुड़ा माना जाता है।
तेल व्यापार से जुड़ा निवेश
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन निवेशों के पीछे आने वाला धन ईरान के तेल व्यापार से जुड़ा बताया जाता है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण इस पैसे को कथित तौर पर फ्रंट कंपनियों, बिचौलियों और अनौपचारिक ट्रेड नेटवर्क के जरिए अलग-अलग रास्तों से भेजा जाता है। यह धन यूके, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और यूएई के बैंकों से होकर गुजरता बताया गया है।
इस नेटवर्क में प्रमुख बिचौलिये माने जाने वाले अली अंसारी पर अक्टूबर 2025 में ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगा दिया था। ब्रिटिश अधिकारियों ने उन्हें एक भ्रष्ट ईरानी बैंकर बताया, हालांकि अंसारी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
अंसारी ईरान में ईरान मॉल, एक होलसेल मार्केट और दिवालिया हो चुके आयंदेह बैंक जैसे कारोबार से भी जुड़े रहे हैं। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मोजतबा आयंदेह बैंक और ईरान मॉल परियोजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं।
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