Parliament Budget Session: ईरान-अमेरिका, इजराइल के बीच युद्ध चल रहा है, जिसका असर दुनिया भर पर हो रहा है। भारत में भी इस युद्ध को लेकर संसद पर चर्चा चल रही है। इस दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संसद को मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और सरकार की चिंता भी व्यक्त की।
Parliament Budget Session: समाधान निकलना जरूरी

विदेश मंत्री ने बताया कि 28 फरवरी से इस क्षेत्र में संघर्ष शुरू हुआ है। इस संघर्ष के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है। खबरों के मुताबिक, इस हिंसा में ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े कुछ लोगों की भी मौत होने की बात सामने आई है। इस स्थिति से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है। भारत ने संयम बरतने की अपील की भारत सरकार ने इस बढ़ते तनाव को लेकर सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और संयम बरतने की अपील की है। भारत का मानना है कि बातचीत और कूटनीतिक तरीके से ही इस संकट का समाधान निकाला जाना चाहिए।
विदेश मंत्री ने सदन में कहा कि ईरान में भारतीय छात्रों को दूतावास से मदद मिली. ईरान से लोगों को अर्मेनिया के रास्ते निकाला गया. भारतीयों की मदद के लिए प्रतिबद्ध हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब और कतर के नेतृत्व से बात की है.
ऊर्जा जरूरतों के लिए सतर्क
उन्होंने कहा, “मैंने ईरान के विदेश मंत्री से 28 फरवरी और पांच मार्च को बात की है. विदेश मंत्री ने कहा कि ईरान के तीन जहाज हिंद महासागर में थे. हमने एक जहाज को ईरान के निवेदन पर डॉकिंग की परमिशन दी, शरण दी. इसके लिए ईरान ने धन्यवाद भी कहा है. ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हम सतर्क हैं. विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत शांति के समर्थन में है. हम नागरिकों की सुरक्षा के पक्ष में हैं.”
S Jaishankar in Parliament : भारत सॉवरेनिटी का समर्थक
बता दें, विदेश मंत्री एस जयशंकर ईरान जंग पर राज्यसभा में बयान दिया है. जयशंकर ने सदन में यह जानकारी दी कि भारत इलाके में सॉवरेनिटी का समर्थक है और हमारा मत है कि किसी भी समस्या का समाधान बातचीत के जरिये तलाशा जाना चाहिए.
EAM @DrSJaishankar apprises #Rajyasabha on the escalating West Asia conflict, stating that India had expressed concern on Feb 28, 2026, and urged dialogue and diplomacy to de-escalate tensions in the regions.
He noted rising casualties, attacks across the… pic.twitter.com/CZqKwH21sG
— SansadTV (@sansad_tv) March 9, 2026
प्राथमिकता पर भारतीयों की सुरक्षा

उन्होंने कहा कि गल्फ रीजन में एक करोड़ भारतीय रहते हैं और इनकी सुरक्षा को लेकर सीसीएस की बैठक में भी चिंता जताई गई. विदेश मंत्री ने इस युद्ध में मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हम भारतीयों के संपर्क में हैं.
उन्होंने यह भी कहा कि हमने जनवरी में ही अपने नागरिकों को आगाह किया था और कहा था कि जितनी जल्दी हो, स्वदेश लौट आएं. हमारे दूतावास ने भी एडवाइजरी जारी की थी.
राज्यसभा में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान जंग को लेकर जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे खड़े हुए और एनर्जी सिक्योरिटी मुद्दे पर संक्षिप्त चर्चा की डिमांड करते हुए कहा कि इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का 55 फीसदी हिस्सा पश्चिमी एशिया से आयात के जरिये पूरी करता है.
उस रीजन में भारत के करीब एक करोड़़ लोग काम करते हैं. हाल ही में कुछ घटनाओं में कुछ भारतीय मारे गए हैं या लापता हैं. घरेलू गैस की कीमतों में 60 रुपये की वृद्धि हुई है. विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरूतों के प्रति सतर्क है.
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