Nepal Election Result 2026 : पिछले साल सितंबर में नेपाल में हुए जेन जी आंदोलन ने वहां की सरकार को उखाड़ फेंका था, जिसके बाद नेपाल के भविष्य को लेकर की साल उठ खड़े हुए थे। अब उन सवालों का जवाब रैपर से नेता बने बालेन शाह के रूप में मिल रहा है। बालेन शाह युवा हैं और नेपाल में पिछले साल युवाओं ने ही आंदोलन किया था, इस चलते नेपाल के संसदीय चुनावों में युवा ताकत का कमाल दिख रहा है.
रैपर से नेता बने काठमांडू के पूर्व मेयर बालेंद्र शाह (बालेन शाह) की नई पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) नेपाल चुनाव में भारी बढ़त के साथ आगे चल रही है. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक हुई वोटों की गिनती में आरएसपी अकेले दम पर प्रचंड बहुमत लाती दिख रही है. इस तरह 35 वर्षीय बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने के सबसे प्रबल दावेदार बन गए हैं.
नेपाल में पिछले साल हुए Gen-Z आंदोलन के बाद वहां हो रहे यह पहले आम चुनाव हैं. इन विरोध प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा था और संसद भंग कर दी गई थी. उसके बाद 165 संसदीयों सीटों के लिए गुरुवार को वोटिंग हुई, जिसमें बालेन शाह की आरएसपी और केपी शर्मा ओली की CPM-UML सहित 67 राजनीतिक दलों के उम्मीदवार मैदान में थे.
Nepal Election Result 2026: प्रचंड जीत की ओर बालेन की आरएसपी

अब तक आए रुझानों में बालेन शाह की आरएसपी ने 27 सीटें जीत ली हैं और 97 से ज्यादा सीटों पर आगे है. वहीं ओली की सीपीएन-यूएमएल 7 सीटों पर लीड कर रही है, जबकि नेपाली कांग्रेस ने अभी तक सिर्फ एक सीट जीती है और 10 पर आगे है. सीपीएन की यह सबसे हार मानी जा रही है, जिसका अंदेशा पह ही लगाया जा रहा था।
बता दें, नेपाल की जनसंख्या लगभग 2.96 करोड़ (29.6 मिलियन) है, जिसमें 52.4% महिलाएं और 47.6% पुरुष हैं, और वार्षिक वृद्धि दर 0.14% के साथ धीमी है। 67% से अधिक आबादी अब शहरों में रहती है। मुख्य रूप से हिंदू बहुल (81%) इस देश में क्षेत्री और ब्राह्मण प्रमुख जातीय समूह हैं, जबकि तराई में मुस्लिम और थारू आबादी का अच्छा प्रतिनिधित्व है।
अब तय है कि इस आबादी का जिम्मा बालेन शाह के हाथों में आने जा रहा है।
Balen Shah on India: भारत को लेकर बालेन का रूख

ऐसे में समझना जरूरी है कि भारत को लेकर बालेन शाह का क्या रूख है। बता दें, वे बालेन शाह के कुछ पुराने बयान इस बीच काफी तेजी से वायरल हो रहे हैं, जो भारत के लिहाज से बुरी सूचना है। बालेन के लगभग चुनाव स्वीप करने के अंदेशे के बीच उनके वे विवाद सामने आने लगे हैं जो जो भारत को लेकर थे।
2023 में उन्होंने बॉलीवुड फिल्म में सीता को ‘भारत की बेटी’ कहने पर भारतीय फिल्मों पर बैन की मांग की थी, क्योंकि नेपाली परंपरा में सीता का जन्म नेपाल या नेपाल-बिहार बॉर्डर पर माना जाता है. उसी साल उन्होंने अपने ऑफिस में ‘ग्रेटर नेपाल’ का मैप लगाया था, जिसमें कुछ भारतीय क्षेत्र शामिल थे और इसे भारत के संसद में ‘अखंड भारत’ म्यूरल का जवाब बताया.
Nepal Election Impact on India: हो सकती है संतुलित विदेश नीति
वर्ष 2025 में एक पोस्ट में उन्होंने भारत, अमेरिका और चीन के खिलाफ गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल की, जिसे बाद में डिलीट कर दिया. लेकिन हाल के महीनों में उनके रुख में बदलाव दिखा है.
हालांकि RSP (राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी) के मेनिफेस्टो से चीन की बीआरआर से जुड़े दमक इंडस्ट्रियल पार्क प्रोजेक्ट को हटा दिया गया, जो ओली के गढ़ झापा-5 में था. यह भारत के लिए राहत की बात है, खासकर सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिहाज से. आरएसपी बैलेंस्ड विदेश नीति पर जोर दे रही है. यानि पिछली सरकार के मुकाबले बालेन शाह इस बात को तरजीह दे रहे हैं कि चीन और भारत के साथ बराबरी के तौर पर समन्वय सथपाइट किया जाए।
बताते चलें, आरएसपी के घोषणापत्र में संतुलित विदेश नीति की बात कही गई है. माना जा रहा है कि अगर बालेन शाह सत्ता में ये आए तो वे आर्थिक सहयोग, बुनियादी ढांचा विकास और भ्रष्टाचार विरोधी सुधारों पर जोर दे सकते हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि शासन का सीमित अनुभव होने के कारण उनकी विदेश नीति कभी-कभी अप्रत्याशित भी हो सकती है.


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