Operation Torch In UP: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान अवैध अप्रवासियों की पहचान करने और उन्हें हिरासत में लेने के मकसद से चलाया गया है। मुख्यमंत्री योगी के आदेश पर इस ऑपरेशन को ज्यादातर रात में चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम फ्लैश लाइट का इस्तेमाल करके झुग्गी झोपड़ियों, शेल्टर, बस स्टेशन और रेलवे प्लेटफार्म पर जाकर चेकिंग कर रही है। इस वजह से इसका नाम ऑपरेशन टॉर्च रखा गया है।
UP Police Launches OP Torch: दस्तावेज खंगाल रही पुलिस

ऑपरेशन टॉर्च को 22 नवंबर 2025 को एक कोऑर्डिनेटर सुरक्षा अभ्यास के तौर पर शुरू किया गया। इस अभियान के तहत पुलिस यूनिट उन इलाकों में घर-घर जाकर चेकिंग कर रही है, जहां पर बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों के रहने का शक है। अधिकारी उन इलाकों में जाकर आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड, पासपोर्ट और रोजगार की जानकारी की जांच कर रहे हैं। इसके अलावा वह निवासियों से भारत आने की तारीख और पिछले पते को लेकर भी पूछताछ कर रहे हैं।
अगर जांच के दौरान कोई भी दस्तावेज नकली या फिर गलत लगता है, तो उन्हें वेरिफिकेशन के लिए एक हफ्ते का समय दिया जाता है। अगर एक बार उनके अवैध होने की पुष्टि हो जाती है, तो उन्हें आगे की कार्यवाही तक के लिए हाई सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाता है। यह तलाशी अभियान रात में किया जा रहा है, क्योंकि अक्सर दिन में घुसपैठी इधर-उधर छुप जाते हैं। इसलिए रात के समय पुलिस पहचान के लिए फ्लैशलाइट, टॉर्च और पोर्टेबल स्कैनर का इस्तेमाल कर रही है।
Operation Torch: सरकार के निशाने पर कौन?

सरकार की तरफ से यह ऑपरेशन खासतौर पर बांग्लादेशी नागरिक, रोहिंग्या शरणार्थी और बाकी बिना दस्तावेज वाले विदेशी नागरिकों की पहचान करने के लिए शुरू किया गया है। अधिकारियों का दावा है कि कई घुसपैठिए नकली दस्तावेज बनाकर सब्सिडी वाले राशन और पेंशन जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हैं। जिस वजह से असली नागरिकों के लिए इन सुविधाओं तक पहुंच कम हो जाती है।
अभियान शुरू करने के पीछे क्या कारण है?

दरअसल यह अभियान वोटर लिस्ट संशोधन अभ्यास से जुड़ा हुआ है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ घुसपैठिए अवैध रूप से वोटर लिस्ट में शामिल हो गए हैं। जिस वजह से स्थानीय प्रतिनिधित्व काफी ज्यादा प्रभावित हुआ होगा और इसी के साथ वह लोग सरकारी फायदों का भी गलत इस्तेमाल कर रहे होंगे।


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