Opposition Reactions On UP Budget 2026 : उत्तर प्रदेश का बजट 2026 बुधवार को पेश हो गया है। बजट 9 लाख 13 करोड़ का है, जिसे बताया जा रहा है कि समाज के सभी तबकों को ध्यान में रख कर बजट पेश हुआ है। सरकार ने इसे जनहितकारी बताया है। मगर बजट पेश होने के बाद से विधानसभा के अंदर से लेकर बाहर तक प्रतिक्रिया आनी शुरू हो चुकी है। खासकर विपक्ष इस बजट को निराशाजनक और दिशाहीन कह रहा है।
Opposition Reactions On UP Budget 2026 : क्या कहा अखिलेश ने
सबसे पहले बात करते हैं राज्य में सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी ‘समाजवादी पार्टी’ की।
समाजवादी पार्टी के मुखिया और नेता अखिलेश यादव ने अपने एक्स अकाउंट में लिखा है, “यूपी सरकार के विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है।”
यूपी सरकार के विदाई बजट के साथ भाजपा की भी विदाई तय है। pic.twitter.com/gR3eB1xqiD
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) February 11, 2026
SHIVPAL YADAV : चाचा शिवपाल भी नाखुश

सपा के कद्दावर नेता व अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने कहा है, ‘उत्तर प्रदेश का ‘कागजी’ बजट मुबारक हो! यूपी की जनता को एक बार फिर “सपनों का अमृत” पिलाया गया है. विकास केवल विज्ञापनों में दौड़ रहा है और हकीकत की सड़कों पर गड्ढे आज भी अपनी गिनती का इंतजार कर रहे हैं.
‘बेरोजगारों की डिग्रियां अलमारी में है और सरकार का डेटा फाइलों में मुस्कुरा रहा है. कमाल की जादूगरी है, आंकड़ों का अंबार है, मगर गरीब की थाली में अब भी हाहाकार है. जुमलों की खेती लहलहाई, कागज़ हुए हरे-भरे, नौकरी मांगो तो कहते हैं- ‘तुम आत्मनिर्भर क्यों नहीं रहे?’ महंगाई के पंख लगे हैं, छू रहे हैं आसमान, पर सरकार कह रही- ‘सब चंगा, खुश है किसान!’ ये बजट नहीं, बस एक और ‘इवेंट’ की तैयारी है, जनता जानती है अब, किसकी जाने की बारी है.’
UP BUDGET 2026 : घाटे का बजट

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने भी बजट को “घाटे का बजट” बताया. उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते कहा, ‘सरकार की कुल प्राप्तियां लगभग 8 लाख करोड़ रुपये हैं, जबकि व्यय 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक प्रस्तावित है. ऐसे में यह बजट घाटे का बजट है. बजट में पुरानी योजनाओं को दोहराया गया है, लेकिन कोई नई और प्रभावी पहल नजर नहीं आती.’
उन्होंने स्कूटी योजना पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जब यह योजना जमीन पर उतरेगी, तभी इसकी वास्तविकता सामने आएगी. बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने या प्रदेश की आय बढ़ाने की दिशा में बजट में कोई ठोस रणनीति नहीं दिखाई देती.
सरकार का विदाई बजट
समाजवादी पार्टी के विधायक कमलाकांत राजभर ने कहा कि सरकार से कोई उम्मीद नहीं है सरकार का यह विदाई बजट है, सरकार ने शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार पर कोई काम नहीं किया.
अल्पसंख्यक के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं

वहीं,समाजवादी पार्टी के नेता कमाल अख्तर ने लड़कियों की शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता योजना पर भी आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि यह कन्याओं के सम्मान के खिलाफ है. अगर सरकार वास्तव में मदद करना चाहती है तो पात्र लोगों को सम्मानपूर्वक और बिना प्रचार के सहायता दी जानी चाहिए. समाज में यह अच्छा संदेश नहीं जाता कि किसी ने शादी के लिए सरकारी मदद ली.
कमाल अख्तर ने आगे कहा कि प्रदेश में बिजली, थाना-तहसील व्यवस्था और महंगाई जैसे मुद्दों पर हालात खराब हैं, लेकिन बजट में आम लोगों को राहत देने वाला कोई बड़ा कदम नहीं उठाया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में 20 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी है, लेकिन उनके लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है. इतनी बड़ी आबादी को नजरअंदाज कर प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है.
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