मध्य प्रदेश में 20 आवासों को जोड़ने वाली सड़क योजना को मंजूरी

Summary :

कुल अनुमानित 30 हजार 900 किमी मार्ग का निर्माण होगा

मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा, टोला, धोनी, पुरा इत्यादि को बारहमासी संपर्कता प्रदान करने के लिए 21 हजार 630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा।

मध्य प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के प्रयास जारी हैं और सरकार ने तय किया है कि जिन भी इलाकों में 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले होंगे, उन्हें सड़क से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना अंतर्गत प्रदेश के सुदूर बसाहटों मजरा, टोला, धोनी, पुरा इत्यादि को बारहमासी संपर्कता प्रदान करने के लिए 21 हजार 630 करोड़ रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार योजना का क्रियान्वयन दो चरणों में किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-30 तक पहले चरण एवं वित्तीय वर्ष 2030-31 से 2034-35 तक दूसरे चरण में कुल अनुमानित 30 हजार 900 किमी मार्ग का निर्माण होगा। योजना का क्रियान्वयन राज्य मद से किया जाएगा। योजना के संबंध में मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण की साधिकार समिति को निर्णय लेने जाने के लिए अधिकृत किया गया है।

मंत्रिपरिषद ने तय किया है कि न्यूनतम 20 आवास और 100 से अधिक जनसंख्या वाले छह हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले ऐसे क्षेत्र, जिसके 50 मीटर की दूरी में पूर्व से बारहमासी सड़क न हो, को बसाहट के अंतर्गत लिया जाएगा। इसके लिए बसाहट की जनसंख्या के घटते क्रम में विधानसभा क्षेत्रवार प्राथमिकता सूची तैयार की जाएगी।

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सांसद, क्षेत्रीय विधायक और जिला पंचायत सदस्यों के परामर्श पर ग्रामीणजनों की स्थानीय आवश्यकता जैसे – सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि के आधार पर बसाहटों की प्राथमिकता में कलेक्टर द्वारा लिपिबद्ध कारणों से सूची में परिवर्तन किया जा सकेगा। योजना अंतर्गत 20 हजार 600 बसाहटों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लगभग 30 हजार 900 किलोमीटर मार्ग का निर्माण किया जाएगा। मंत्रिपरिषद द्वारा जिले के विकास योजना के लिए रोडमैप तैयार करने और जिले की दीर्घकालीन विकास योजनाएं बनाने के लिए सभी जिलों में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किए जाने का अनुमोदन दिया गया।

उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण में मध्य प्रदेश के समस्त जिलों में जिला विकास सलाहकार समिति का गठन किए जाने संबंधी निर्देश दिए गए थे। जिला विकास सलाहकार समिति में जिले के प्रभारी मंत्री उपाध्यक्ष होंगे। सांसद, जिले के समस्त विधायक, जिला मुख्यालय के महापौर या नगरपालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिले के सभी जनपद अध्यक्ष के साथ उद्योग, व्यापार, प्रगतिशील किसान, समाजसेवी, सेवी, चिकित्सा, विधि आदि क्षेत्रों के 20 प्रतिनिधियों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कलेक्टर समिति के सदस्य सचिव होंगे।

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