Sarojininagar News Today: सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह की प्रेरणादायी पहल पर राष्ट्रभक्ति एवं वीर सैनिकों के सम्मान को समर्पित फिल्म बॉर्डर–2 का विशेष प्रदर्शन फिनिक्स यूनाइटेड मॉल, कानपुर रोड, लखनऊ में भव्य रूप से आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रख्यात गीतकार, लेखक एवं विचारक मनोज मुंतशिर शुक्ला की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। आयोजन में हज़ारों सैनिक एवं पूर्व सैनिक एक साथ एकत्रित हुए। डॉ. राजेश्वर सिंह एवं मनोज मुंतशिर के आगमन पर उपस्थित सैनिकों एवं नागरिकों ने देशभक्ति के नारों के साथ भव्य स्वागत किया।
Sarojininagar News Today: सैनिकों के सम्मान में संकल्प का स्वर

अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने सभी का स्वागत, वंदन और अभिनंदन करते हुए विशेष रूप से मनोज मुंतशिर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की अखंडता और राष्ट्रीय चेतना को जागृत करने में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है और मनोज मुंतशिर जैसे रचनाकार इस भावना के शिल्पकार हैं। उन्होंने सैनिकों के अद्वितीय साहस, त्याग और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता और सुरक्षित वर्तमान उनके बलिदान का परिणाम है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हम सभी मिलकर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण करें, ताकि सीमा पर तैनात हमारे सैनिकों को अपने देश की प्रगति पर गर्व हो।
डॉ. सिंह ने भावुक शब्दों में कहा कि सैनिक विपरीत परिस्थितियों—सर्दी, गर्मी और बरसात—में देश की रक्षा करते हैं, जबकि उनके परिवारजन महीनों तक उनके लौटने की प्रतीक्षा करते हैं। यह त्याग राष्ट्र के लिए प्रेरणा है और हम सब उनके ऋणी हैं।
मनोज मुंतशिर का भावपूर्ण संबोधन

मनोज मुंतशिर शुक्ला ने डॉ. राजेश्वर सिंह का आभार व्यक्त करते हुए पूर्व सैनिकों को साष्टांग प्रणाम किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की यह वीर भूमि 1857 की क्रांति की जन्मभूमि रही है और यहां ‘बॉर्डर 2’ को मिल रहा अपार प्रेम इसी देशभक्ति की भावना का प्रमाण है। उन्होंने अपने छात्र जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि 1997 में आई फिल्म बॉर्डर उन्होंने उधार लेकर दो बार देखी थी, और आज उसी ऐतिहासिक श्रृंखला से उनका नाम जुड़ना उनके लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि तिरंगे की ऊँचाई और आज़ादी की गरिमा वीर सैनिकों के बलिदान से ही संभव है—“कुछ राम कभी लौटते ही नहीं।” उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से वीर सैनिकों का सम्मान करने और एक स्वर में “भारत माता की जय” एवं “वंदे मातरम्” का उद्घोष करने का आह्वान किया।
पूर्व सैनिकों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया तथा उनके साथ सामूहिक रूप से फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया गया। यह आयोजन सैनिकों के पराक्रम, त्याग और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक विनम्र प्रयास रहा। यह भव्य आयोजन सरोजनीनगर में राष्ट्रप्रेम, एकता और सम्मान की भावना को सशक्त करने वाला प्रेरणादायी क्षण सिद्ध हुआ।


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