Bagpat News: बागपत क़े राष्ट्रीय वंदना चौक पर केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के बयान के विरोध में शिक्षकों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंनें राष्ट्रीय वंदना चौक पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला फूंकनें का प्रयास किया। लेकिन पुलिस नें जयंत चौधरी का पुतला दहन नहीं करने दिया । पुलिस और शिक्षकों के बीच खूब धक्का मुक्की हुई। दरअसल,यह विरोध 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (TET) अनिवार्य करने संबंधी बयान को लेकर था। प्रदर्शन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया (TFI) के बैनर तले हुआ।
शिक्षकों का भविष्य खतरे में!

शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि जो शिक्षक उस समय की निर्धारित योग्यता के आधार पर भर्ती हुए थे, उन्हें 20-25 साल की सेवा के बाद अयोग्य ठहराना अन्यायपूर्ण है। उन्होंने तर्क दिया कि यह उनके भविष्य को अंधकार में धकेलने जैसा है। शिक्षकों नें कहा कि यदि पुलिस या सेना के पुराने जवानों से नई भर्ती जैसी दौड़ लगवाई जाए या न्यायाधीशों से क्लैट (CLAT) की परीक्षा मांगी जाए, तो पूरा सिस्टम खाली हो जाएगा। उन्होंने 50-55 वर्ष की आयु के शिक्षकों को परीक्षा में बैठने के लिए मजबूर करने को संवेदनहीन बताया।
शिक्षक संघ ने सरकार के दोहरे रवैये पर जताई नाराजगी
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने सरकार के दोहरे रवैये पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी ने पहले आश्वासन दिया था कि किसी की नौकरी नहीं जाएगी, लेकिन अब राज्यमंत्री का बयान इसके विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार को बीच का रास्ता निकालना चाहिए था, लेकिन उसका भेदभावपूर्ण रवैया 25 लाख शिक्षक परिवारों की आजीविका के लिए संकट बन गया है।
शिक्षकों ने दी चेतावनी

शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने राज्यमंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन करने का पूरा प्रयास किया पुलिस ने पुतला दहन नहीं करने दिया और पुतला छीन कर रिक्शा में रखकर एक पुलिसकर्मी यहां से चला गया।
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