Saudi Arabia Snowfall: सऊदी अरब सुनते ही सबके दिमाग में तपती गर्मी और रेगिस्तान आता है। कल्पना कीजिए कि 50 डिग्री के तापमान वाले रेगिस्तान में अचानक बर्फ पड़ने लगें। जी हां, सऊदी अरब का रेगिस्तान बर्फ की चादर से ढक गया है। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही हैं, जिसे कुछ लोग AI की फर्जी फोटो बता रहे हैं। लेकिन ये सच है, वहां 30 साल बाद ऐसी भारी बर्फबारी हो रही है। कुछ लोग इसे कुदरत का करिश्मा कह रहे हैं, तो कुछ बदलते मौसम के पैटर्न की बात कर रहे हैं। आइए जानते हैं, इसके पीछे क्या कारण है।
Saudi Arabia Desert Snowfall News: बर्फ की चादर में लिपटा रेगिस्तान

उत्तरी सऊदी में एक जगह है, तबूक। जहां पथरीले और शुष्क वातावरण वाले इलाके बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं। समुद्र तल से लगभग 2600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित जबल अल-लॉज में पर्यटन स्थल ट्रोजोना में हल्की बर्फबारी और बारिश हुई। तापमान माइनस 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। पूरा इलाका किसी हिलस्टेशन की तरह दिखाई देने लगा।
बर्फ में चलते दिखे ऊंट
यह घटना 17 दिसंबर की जहां सऊदी अरब के उबड़-खाबड़ रेगिस्तान पूरी तरह से बर्फ की सफेद चादर में लिपट गए। बीर बीन हिरमास और अल उयैना जैसे इलाकों में हुई इस बर्फबारी ने तपते रिगेस्तान को किसी ठंडे हिल स्टेशन में बदल दिया। कुछ जगहों पर रेगिस्तान में ऊंट बर्फ में चलते दिखे। वही ऊंट जो रेगिस्तान की गर्म रेत पर चलते थे, आज बर्फ पर चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर स्नोफॉल के कई वीडियो वायरल हैं। जहां लोग स्नो गेम्स खेलते नजर आ रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि 30 साल बाद ये कैसे हुआ, और क्यों? इतनी जबरदस्त बर्फबारी 1990 के आसपास देखी गई थी।
Snow blanketed Saudi Arabia this week, transforming the usually rugged, desert-framed mountains into a winter landscape.pic.twitter.com/0lMIazJe9b
— Massimo (@Rainmaker1973) December 19, 2025
Saudi Arabia Desert Snowfall: 30 साल बाद ऐसी बर्फबारी के पीछे क्या है कारण?

सऊदी अरब के रियाद से उत्तर में स्थित अल-मजमाआ और अल-घात इलाकों में हाल ही में बर्फबारी देखी गई, जहां खुले मैदानों और ऊंचे इलाकों में बर्फ जम गई। सऊदी अरब के नेशनल सेंटर फॉर मेटियोरोलॉजी (NCM) के अनुसार, यह बर्फबारी एक ठंडी हवा के बड़े द्रव्यमान के कारण हुई, जो तेजी से मध्य और उत्तरी इलाकों में घुस आया और बारिश लाने वाले बादलों के साथ टकरा गया। NCM के प्रवक्ता हुसैन अल-कहतानी ने बताया कि अब इन क्षेत्रों में तापमान और भी कम हो सकता है, जिससे बर्फबारी के हालात और भी बढ़ सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन से बिगड़ रहा मौसम का पैटर्न

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का पैटर्न बिगड़ रहा है। कभी UAE में सर्दियों में बारिश, कभी मिडिल ईस्ट में फ्लैश फ्लड, कभी दक्षिण एशिया में रिकॉर्ड गर्मी, कभी यूरोप-नॉर्थ अफ्रीका में अजीब बर्फबारी। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की घटना वायुमंडलीय स्थितियों की वजह से हो रही हैं। लेकिन ऐसी असामान्य बढ़ती घटनाएं ये सवाल खड़ा कर रही हैं कि जलवायु परिवर्तन उन मौसम पैटर्न को कैसे बदल रहा है, जो इलाके सदियों से गर्मी और सूखे के लिए मशहूर हैं।
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