उत्तर प्रदेश के संभल जिले में एक विचित्र आकार का आलू मिला है, जिसे भगवान विष्णु के अवतार कल्कि से जोड़ा जा रहा है। इस आलू में शेषनाग, मत्स्य अवतार और वराह अवतार की आकृतियां दिखाई दे रही हैं। मंदिर के पुजारी ने इसे भगवान की लीला मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश का संभल जिला हमेशा सुर्खियों में छाया रहता है। अब वहां से एक और नई खबर आ रहा है। दरअसल, संभल में एक अजीब आकृति वाला आलू मिला है, जिसे लोग भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि से जोड़कर देख रहे हैं। इतना ही नहीं पूजारी ने तो इसकी पूजा अर्चना भी शुरू कर दी है।
मंदिर में रखा आलू
ये विचित्र आकार का आलू एक स्थानीय किसान को अपने खेत में खुदाई के दौरान मिला। आलू का अजीब आकार देखकर किसान को कुछ अजीब लगा। किसान ने इसकी तस्वीर मंदिर के पुजारी को भेजी। पुजारी ने तस्वीर देखने के बाद इसे तुरंत मंदिर लाने को कहा। आलू को शंकर कॉलेज चौराहे पर स्थित तुलसी मानस मंदिर में भगवान श्री राम के चरणों में रखा गया है। मंदिर के पुजारी ने दावा किया है कि इस आलू में भगवान कल्कि के विभिन्न अवतारों की आकृतियां नजर आ रही हैं, इसलिए इसे अब मंदिर में पूजा और दर्शन के लिए रखा गया है।
आलू को बताया अवतार
पुजारी के अनुसार, इस आलू एक हिस्से में शेषनाग की पूरी आकृति, दूसरे हिस्से में मत्स्य अवतार और तीसरे हिस्से में वराह अवतार जैसी आकृतियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं। पुजारी शंकर लाल ने कहा, यह भगवान कल्कि का स्परूप हो सकता है। मुझे ऐसा लगता है कि भगवान ने स्वयं दर्शन देने के लिए यह संकेत दिया है। यह कोई साधारण आलू नहीं, बल्कि दैवीय संकेत है। यह भगवान की लीला है जो होली के पावन अवसर पर दर्शन देने आई है।
मंदिर में पूजा शुरू हुई
आलू को मंदिर में लाने के बाद, पुजारी शंकर लाल ने विधिवत पूजा करना शुरू कर दिया। इसे भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों के सामने रखा गया है। होली के अवसर पर, मंदिर में पहले से ही भक्तों की भीड़ थी, लेकिन इस घटना के बाद, लोग विशेष रूप से इस आलू को देखने के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में भगवान राम के साथ इस आलू के दर्शन के लिए भी लोग भीड़ लगा रहे हैं।
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