अब AI ड्रोन और Robot घर- घर पहुचाएंगे डिलीवरी, गुरुग्राम की इस कंपनी ने शुरू की New Service

Skye Air Drone Delivery (image: AI ganrated )

Skye Air Drone Delivery: अब तक किसी भी सामान की डिलीवरी के लिए आपके घर डिलीवरी बॉय या गर्ल ही आते रहे हैं। लेकिन अब गुरुग्राम की एक स्टार्टअप कंपनी Skye Air ने हाइपरलोकल डिलीवरी में नई तकनीक की शुरुआत की है। इस नई व्यवस्था में आसमान में उड़ने वाले ड्रोन और जमीन पर चलने वाले एआई रोबोट मिलकर कस्टमर्स तक उनका पार्सल सीधे घर के दरवाजे तक पहुंचाते हैं।

एक्स्पर्ट्स का मानना है कि यह दुनिया का पहला पूरी तरह से एकीकृत और स्वायत्त डिलीवरी सिस्टम (Integrated and Autonomous Delivery Systems)  है। यह पहल भारत को वैश्विक टेक्नोलॉजी मैप (Global Technology Map) में नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

Skye Air Drone Delivery: क्या है यह नई तकनीक?

Skye Air Drone Delivery (image: social media )
Skye Air Drone Delivery (image: social media )
  • अब तक ड्रोन डिलीवरी को लेकर कई प्रयोग हो चुके हैं, लेकिन स्काई एयर ने इसे एक कदम आगे बढ़ाकर पूरी प्रक्रिया को एंड-टू-एंड ऑटोमेटेड बना दिया है।
  • गुरुग्राम में शुरू की गई इस सेवा में ड्रोन, स्मार्ट मेलबॉक्स और एआई रोवर एक साथ काम करते हैं।
  • ड्रोन पहले गोदाम से उड़ान भरता है और तय स्थान पर बने एक खास स्मार्ट बॉक्स में पार्सल छोड़ता है।
  • इसके बाद एक एआई संचालित रोबोट उस बॉक्स से पैकेट निकालकर ग्राहक के घर या ऑफिस के गेट तक पहुंचाता है।
  • इस तरह डिलीवरी प्रक्रिया पूरी तरह बिना मानव हस्तक्षेप के पूरी होती है।

AI-Powered Drone Delivery Gurugram: किन कंपनियों के साथ हुआ सहयोग?

Skye Air Drone Delivery (image: social media )
Skye Air Drone Delivery (image: social media )
  • हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit 2026 के दौरान कंपनी के सीईओ अंकित कुमार ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों की जानकारी दी।
  • Arrive AI: इस अमेरिकी कंपनी के साथ मिलकर स्मार्ट मेलबॉक्स सिस्टम तैयार किया गया है, जिसे आवासीय और व्यावसायिक परिसरों में लगाया जाएगा।
  • Autonomo: यह कंपनी छोटे रोबोटिक वाहनों (रोवर्स) के जरिए अंतिम चरण की डिलीवरी सुनिश्चित करेगी।
  • Sky Port: यह स्काई एयर का अपना एआई प्लेटफॉर्म है, जो पूरे सिस्टम की निगरानी और नियंत्रण करता है।
  • इन सहयोगों के माध्यम से भारत में अत्याधुनिक एआई आधारित लॉजिस्टिक्स मॉडल विकसित किया जा रहा है।

Skye Air AI Logistics: कैसे काम करता है पूरा सिस्टम?

Skye Air Drone Delivery (image: social media )
Skye Air Drone Delivery (image: social media )

इस नई डिलीवरी सिस्टम  को चार स्टेप्स  में समझा जा सकता है:

1. ड्रोन की उड़ान

ड्रोन वेयरहाउस से उड़ान भरता है और तय किए गए स्मार्ट पोर्ट तक पहुंचता है।

2. स्मार्ट मेलबॉक्स में ड्रॉप

ड्रोन सुरक्षित तरीके से पार्सल को ‘अराइव पॉइंट’ नामक स्मार्ट बॉक्स में छोड़ देता है।

3. एआई रोवर द्वारा लास्ट-माइल डिलीवरी

स्मार्ट बॉक्स से एआई रोबोट पैकेट उठाता है और कस्टमर के पते तक पहुंचाता है।

4. ओटीपी से सुरक्षा

ग्राहक के मोबाइल पर ओटीपी भेजा जाता है। सही ओटीपी दर्ज करने पर रोबोट का सुरक्षित कंपार्टमेंट खुलता है और पार्सल प्राप्त किया जा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया है।

प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

  • नई दिल्ली डिक्लेरेशन के साथ संपन्न हुए इस एआई समिट के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस स्वदेशी तकनीक की सराहना की।
  • उन्होंने कहा कि भारत की तकनीकी क्षमता को आज विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है और युवा नवाचार देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।

Autonomous Rover Delivery India: पर्यावरण के लिए फायदेमंद

  • कंपनी के अनुसार पिछले ढाई सालों में 36 लाख से अधिक ड्रोन डिलीवरी की जा चुकी हैं।
  • इससे हजारों टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
  • पारंपरिक पेट्रोल या डीजल आधारित डिलीवरी वाहनों की तुलना में यह मॉडल अधिक पर्यावरण-अनुकूल है और जीरो-एमिशन लॉजिस्टिक्स की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

Hyperlocal Drone Delivery India: गुरुग्राम से वैश्विक विस्तार तक

  • फिलहाल इस परियोजना की शुरुआत गुरुग्राम में पायलट आधार पर की गई है।
  • आगे इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना है।
  • एक्स्पर्ट्स का मानना है कि यह पहल भारत को AI इनोवेशन हब के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।

ऑटोमोबाइल सेक्टर पर प्रभाव

  • एक्स्पर्ट्स के अनुसार इस नई तकनीक से लास्ट-माइल डिलीवरी वाहनों की मांग कम हो सकती है।
  • ईवी फ्लीट पर लागत का दबाव घटेगा और कार्बन-न्यूट्रल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा मिलेगा।
  • भविष्य में ड्रोन कॉरिडोर, एआई आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट और स्वायत्त ग्राउंड व्हीकल्स का एक नेटवर्क विकसित हो सकता है।
  • यह भी अनुमान लगाया जा रहा है कि मानव-रहित डिलीवरी मॉडल से लॉजिस्टिक्स लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी संभव है।
  • कुल मिलाकर, ड्रोन और एआई रोबोट का यह संयुक्त मॉडल डिलीवरी सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकता है।
  • यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले समय में शहरी क्षेत्रों में सामान पहुंचाने का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।

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