उत्तराखंड सरकार ने उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अधिनियम में वसीयतनामा उत्तराधिकार के तहत वसीयत और पूरक दस्तावेजों के निर्माण और निरस्तीकरण के लिए एक सुव्यवस्थित रूपरेखा स्थापित की है। UCC का उद्देश्य राज्य भर के नागरिकों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाना है, जिसमें सशस्त्र बलों के कर्मियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इस अधिनियम में वसीयत से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई है।
UCC वसीयत को विशेष महत्व देता है
सशस्त्र बलों में उत्कृष्ट योगदान देने की राज्य की परंपरा को देखते हुए, अधिनियम विशेषाधिकार प्राप्त वसीयत को विशेष महत्व देता है। इसके अनुसार, सक्रिय सेवा या तैनाती पर सैनिक, वायुसैनिक या मरीन सरल और लचीले नियमों के तहत वसीयत तैयार कर सकते हैं। वह हस्तलिखित, मौखिक रूप से लिखवाया गया हो या गवाहों के सामने शब्दशः प्रस्तुत किया गया हो। इस सुव्यवस्थित प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कठिन और उच्च जोखिम वाली स्थितियों में तैनात लोग भी अपनी संपत्ति की इच्छाओं को प्रभावी ढंग से पंजीकृत कर सकें।
ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मिलेगी सुविधा
आम जनता को सुविधाजनक और नागरिक-अनुकूल कानूनी प्रक्रिया प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता के तहत, ये सेवाएँ जल्द ही एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी प्रदान की जाएंगी। इससे आवेदन प्रक्रिया तेज़, अधिक सुव्यवस्थित और कागजी कार्रवाई से मुक्त हो जाएगी, साथ ही एक मजबूत डिजिटल रिकॉर्ड भी उपलब्ध होगा। वसीयत बनाना किसी के लिए भी अनिवार्य नहीं है, यह एक व्यक्तिगत निर्णय है। लेकिन, जो लोग अपनी संपत्ति के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश निर्धारित करना चाहते हैं, उनके लिए अधिनियम एक सुरक्षित और सरल प्रणाली प्रदान करता है।


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