Strait of Hormuz से शिप ले जाने पर ईरान वसूल रहा 18 करोड़ रुपए

Summary :

Strait of Hormuz Shipping Corridor : ईरान अमेरिकी जंग के चलते इस दुनिया भारी तनाव से गुजर रही है। जंग का सीधा असर कई देशों पर हुआ है। यूरोप में पेट्रोल की कीमतों में उछाल के साथ एशिया में कई जगह गैस की किल्लत भी देखने को मिली। इस बीच खबर आ रही है कि ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपए) का टोल ले रहा है. यह खुलासा एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट में हुई है. इतिहास में यह पहली बार है, जब होर्मुज से गुजरने वाले किसी जहाज से ईरान ने टोल के…

Strait of Hormuz Shipping Corridor : ईरान अमेरिकी जंग के चलते इस दुनिया भारी तनाव से गुजर रही है। जंग का सीधा असर कई देशों पर हुआ है। यूरोप में पेट्रोल की कीमतों में उछाल के साथ एशिया में कई जगह गैस की किल्लत भी देखने को मिली।

इस बीच खबर आ रही है कि ईरान होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपए) का टोल ले रहा है. यह खुलासा एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट में हुई है.

इतिहास में यह पहली बार है, जब होर्मुज से गुजरने वाले किसी जहाज से ईरान ने टोल के रूप में पैसा लिया है. अब तक ईरान के होर्मुज से मुफ्त में जहाज गुजरते थे, उन्हें टोल के रूप में कोई पैसा नहीं देना होता था. हालांकि ईरान ने आधिकारिक तौर पर इसको लेकर कोई बयान नहीं दिया है.

लॉय्ड इंटेलिजेंट इंस्टीट्यूट (LLI) के मुताबिक ईरान ने फारस की खाड़ी में तनाव को देखते हुए होर्मुज के पास एक सुरक्षित गलियारा बनाया है. यह गलियारा लाकर द्वीप के पास है. यहां से अब तक 9 जहाज निकाले गए हैं. इनमें से एक जहाज ने यह पुष्टि की है कि उससे 2 मिलियन डॉलर लिए गए हैं. एक तरह से यह टोल जैसा है, जो हारमुज से निकालने के लिए लिया गया।

Strait of Hormuz Shipping Corridor: युद्ध के बीच पैसा कमाने की तैयारी

Strait of Hormuz Shipping Corridor
Strait of Hormuz Shipping Corridor (Source: Social Media)

LLI ने बताया है कि ईरान भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए नये कॉरिडोर को सुरक्षित कर रहा है और कम से कम 20 भारतीय जहाजों को जल्द ही इस रास्ते से गुजरने की अनुमति दी जा सकती है। सभी भारतीय जहाजों को जो अभी होर्मुज स्ट्रेट से पहले अलग अलग बिखरे हुए हैं उन्हें एक साथ आने के लिए कहा गया है। यानि ईरान अब युद्ध के बीच जमकर पैसे कमाएगा। अनुमानों के मुताबिक ऐसा करके वो 73 अरब डॉलर वसूल सकता है।

बनाया चेक पॉइंट

बता दें, ये कॉरिडोर असल में एक चेकपोस्ट की तरह होगा। जहां जहाज आएंगे, IRGC से मंजूरी सर्टिफिकेट हासिल करेंगे, टोल टैक्स चुकाएंगे और फिर आगे निकल जाएंगे। हालांकि ईरानी कॉरिडोर के इस्तेमाल पर अभी हर मामले के हिसाब से बातचीत चल रही है लेकिन Lloyd’s List का मानना है कि आने वाले दिनों में IRGC जहाजों को मंजूरी देने के लिए एक ज्यादा औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

Strait of Hormuz Shipping Corridor: भारत-चीन और पाक के जहाज गुजरे

Strait of Hormuz Shipping Corridor (1)
Strait of Hormuz Shipping Corridor (Source: Social Media)

बता दें, स्ट्रैट ऑफ हारमुज लगभग 33 किलोमीटर का संकरा समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया को 20 प्रतिशत का ईंधन सप्लाई होता है। पश्चिम युध्द के बीच ईरान ने इस रास्ते को रोक रखा है।

रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज से जिन 9 जहाजों को निकाला गया है, उनमें भारत, चीन, पाकिस्तान, मलेशिया के जहाज हैं. हालांकि, डिटेल में यह नहीं बताया गया है कि इनमें से कितने जहाज किस देश के थे? सूत्रों का कहना है कि कूटनीतिक पहल पर ईरान ने यह गलियारा तैयार किया है.

क्या कोई डील हुई?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के मुताबिक हम उन देशों के जहाज को गुजरने दे रहे हैं, जो मित्र और शुभचिंतक है. दूसरी तरफ अमेरिका एक ऐसा गठबंधन तैयार कर रहा है, जो होर्मुज से ईरान के कंट्रोल को खत्म कर सके. हालांकि इस जानकारी के आने के बाद सवाल घूमने लगा है कि क्या होरमुज से हो जहाज निकले उनसे ईरान ने पैसे वसूले।

बता दें, भारत के भी 2 जहाज यहां से निकले, अब सवाल यह है कि क्या भारत ने भी ईरान से पैसे लिए? होर्मुज फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी के बीच का एक स्ट्रैट ऑफ होरमुज है, जिसे व्यापार के दृष्टिकोण से काफी अहम माना जाता है.

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Rohit Singh

रोहित सिंह पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, समाज, अंतर्राष्ट्रीय, अपराध और शैक्षणिक लेख लिखने में दिलचस्पी रखते हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से पोलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन और जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं।