अमेरिका ने इराक से अपने दूतावास के कर्मचारियों को देश छोड़ने का दिया आदेश

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गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश

गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “हमारे ताजा आकलन के आधार पर हमने इराक में अपने मिशन की मौजूदगी कम करने का निर्णय लिया है। मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों के परिवारों को स्वेच्छा से वहां से जाने की अनुमति दे दी।

इराक में सुरक्षा कारणों से अमेरिकी दूतावास के गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने का आदेश दिया गया है। बुधवार को एक बयान में अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा, “हमारे ताजा आकलन के आधार पर हमने इराक में अपने मिशन की मौजूदगी कम करने का निर्णय लिया है।” बयान में कहा गया है, “हम अपने सभी दूतावासों में कर्मचारियों की स्थिति की नियमित रूप से समीक्षा कर रहे हैं। बुधवार को अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों के परिवारों को स्वेच्छा से वहां से जाने की अनुमति दे दी।समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इराक से सैनिकों को हटाने के पीछे क्या सुरक्षा कारण हैं, यह अभी साफ नहीं है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, हाल ही में ईरान ने धमकी दी कि अगर उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत नाकाम होती है, तो वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक पॉडकास्ट में कहा कि उन्हें अब ईरान के साथ परमाणु समझौता होने की उम्मीद कम लग रही है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने “पॉड फोर्स वन” पॉडकास्ट में कहा, “मुझे नहीं पता, पहले मुझे लगता था कि समझौता हो सकता है, लेकिन अब मेरा भरोसा कम होता जा रहा है।”

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बुधवार को जब ट्रंप से पूछा गया कि अमेरिकी सैनिकों के परिवारों को मध्य पूर्व छोड़ने की अनुमति क्यों दी गई, तो उन्होंने कहा, “आपको खुद देखना होगा। व्हाइट हाउस के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ इस सप्ताह के अंत में ईरानी विदेश उप मंत्री अब्बास अराघची से छठे दौर की परमाणु बातचीत के लिए मुलाकात करेंगे।

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