‘हमने उसे ढूंढ निकाला…’, ईरान में भारी बमबारी के बीच सुरक्षित निकाला गया अमेरिकी पायलट, ट्रंप ने किया कंफर्म

Summary :

US Rescue Opreation Iran: अमेरिका सेना ने भीषण गोलीबारी के बीच ईरान में घुसकर F-15E फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर सुरक्षित निकाल लिया है। IRGC ने अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए खूब हाथ पैर मारे थे लेकिन वो कामयाब नहीं हो सका। अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल 3 अप्रैल को ईरान में क्रैश हो गया था। ईरान हर हाल में उन्हें पकड़ना चाह रहा था ताकि वो उन्हें अमेरिका से चल रही बातचीत में इस्तेमाल कर सके। लेकिन अमेरिका ने ईरानी जमीन से अपने पायलट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है। दरअसल, अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक…

US Rescue Opreation Iran

US Rescue Opreation Iran: अमेरिका सेना ने भीषण गोलीबारी के बीच ईरान में घुसकर F-15E फाइटर जेट के दूसरे क्रू मेंबर सुरक्षित निकाल लिया है। IRGC ने अमेरिकी पायलट को पकड़ने के लिए खूब हाथ पैर मारे थे लेकिन वो कामयाब नहीं हो सका। अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल 3 अप्रैल को ईरान में क्रैश हो गया था। ईरान हर हाल में उन्हें पकड़ना चाह रहा था ताकि वो उन्हें अमेरिका से चल रही बातचीत में इस्तेमाल कर सके। लेकिन अमेरिका ने ईरानी जमीन से अपने पायलट को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया है।

दरअसल, अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल 3 अप्रैल को ईरान में क्रैश हो गया था। उसमें एक पायलट और एक क्रू मेंबर सवार थे। विमान गिरने के कुछ ही समय बाद एक क्रू मेंबर को अमेरिकी सुरक्षा बलों ने सुरक्षित बचा लिया था। दूसरे मेंबर की खोजबीन जारी थी जिसे अब सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।

US Rescue Opreation Iran: पायलट को जिंदा पकड़ने पर लगभग 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम

US Rescue Operation Iran
US Rescue Operation Iran

विमान गिरने के बाद ईरानी अधिकारियों ने भी पायलटों को पकड़ने के लिए पूरी कोशिश की थी। ईरान की ‘फार्स’ समाचार एजेंसी के मुताबिक, मलबे के टुकड़े मिलने के बाद सेना ने तलाशी अभियान शुरू किया था। ईरानी प्रशासन ने कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के ग्रामीणों और खानाबदोश कबीलों से अपील की थी कि वे अमेरिकी क्रू मेंबर्स को ढूंढने में मदद करें। इसके साथ ही पायलट को जिंदा पकड़ने पर लगभग 60,000 डॉलर से अधिक का इनाम रखा गया था।

“हमने उसे ढूंढ निकाला…”

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मिशन की जानकारी दी और लिखा, “हमने उसे ढूंढ निकाला।” उन्होंने आगे कहा, “यह हमारे इतिहास के सबसे साहसी सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक है। यह सैनिक दुश्मन के इलाके में, ईरान के खतरनाक पहाड़ों में छिपा हुआ था और दुश्मन उसे लगातार ढूंढ रहा था।” ट्रंप ने पायलट की हालत के बारे में कहा, “उसे कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वह ठीक हो जाएगा।”

Colonel Rescue from Iran: अमेरिका ने कैसे बचाई पायलट की जान?

अमेरिकी सरकार के सूत्रों के हवालों से मिली जानकारी के अनुसार, यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं था। हादसे में लापता हुए पायलट को कोहगिलुयेह काउंटी के देहदश्त शहर के पास लोकेट किया गया था। रेस्क्यू के दौरान इस इलाके में भारी हवाई हमले भी किए गए। ‘एक्सियोस’ के मुताबिक, एक विशेष कमांडो यूनिट ने भारी हवाई कवर के बीच जमीन पर उतरकर पायलट को निकाला। इस मिशन में गोलीबारी में कम से कम 4 लोगों की मौत और कई घायल हुए। ताजा खबर के मुताबिक, रेस्क्यू टीम पायलट को लेकर ईरान की सीमा से बाहर निकल चुकी है।

ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ईरान को 48 घंटे की समय सीमा दी है। उन्होंने लिखा कि समय बहुत तेजी से खत्म हो रहा है और ईरान को पहले ही पर्याप्त मौका दिया जा चुका है। ट्रंप ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईरान के पास ‘समझौता करने या होर्मुज को खोलने’ के लिए अब केवल दो दिन का समय बचा है, अन्यथा उस पर ‘कहर’ बरपेगा ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट के जरिए ईरान को उसके पुराने अल्टीमेटम की याद दिलाई।

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Bhawana Rawat

भावना रावत पिछले 2 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम की खबरें लिखने में रुचि है। दिल्ली विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं।