बांके बिहारी मंदिर में 500 साल पुरानी परंपरा टूटी, ठाकुर जी का भोग नहीं लगने से मचा बवाल

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Vrindavan Bankey Bihari Temple: पहली बार, वृंदावन के मंदिर में भगवान बांके बिहारी को सुबह और शाम का भोग नहीं चढ़ाया गया, क्योंकि मंदिर के हलवाई को उसकी सैलरी नहीं मिली थी, जिससे सदियों पुरानी परंपरा टूट गई। लाखों भक्तों के दर्शन के दौरान भगवान बांके बिहारी बिना भोग के रहे। मंदिर के पुजारियों ने अपनी नाराज़गी जताई, जबकि हाई-पावर्ड कमेटी ने कहा है कि वह बकाया सैलरी का पेमेंट करवाकर स्थिति को सुलझाएगी। Bhog Stopped in Temple: सफला एकादशी पर भी भोग नहीं मिला समय पर सफला एकादशी के अवसर पर बांके बिहारी महाराज को दोपहर का राजभोग भी…

Vrindavan Bankey Bihari Temple: पहली बार, वृंदावन के मंदिर में भगवान बांके बिहारी को सुबह और शाम का भोग नहीं चढ़ाया गया, क्योंकि मंदिर के हलवाई को उसकी सैलरी नहीं मिली थी, जिससे सदियों पुरानी परंपरा टूट गई। लाखों भक्तों के दर्शन के दौरान भगवान बांके बिहारी बिना भोग के रहे। मंदिर के पुजारियों ने अपनी नाराज़गी जताई, जबकि हाई-पावर्ड कमेटी ने कहा है कि वह बकाया सैलरी का पेमेंट करवाकर स्थिति को सुलझाएगी।

Bhog Stopped in Temple: सफला एकादशी पर भी भोग नहीं मिला समय पर

Vrindavan Bankey Bihari Temple
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सफला एकादशी के अवसर पर बांके बिहारी महाराज को दोपहर का राजभोग भी समय पर नहीं लगाया जा सका। भोग में लगातार हो रही देरी से गोस्वामी समाज में रोष फैल गया। बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर कमेटी के सदस्य दिनेश गोस्वामी ने बताया कि आज ठाकुर बांके बिहारी महाराज को निर्धारित समय पर भोग नहीं मिल पाया। इसका कारण यह रहा कि कमेटी द्वारा तय किए गए हलवाई समय पर मंदिर नहीं पहुंचे।

Temple Bhog Controversy: ठाकुर जी को रोज लगाए जाते है चार भोग

मंदिर में प्रतिदिन ठाकुर जी को चार भोग लगाए जाते हैं—सुबह श्रृंगार के बाद बालभोग, दोपहर में राजभोग, शाम को उत्थापन भोग और रात में शयन भोग। भोग तैयार कराने की जिम्मेदारी एक व्यक्ति को सौंपी गई है, जो हलवाइयों से भोग बनवाकर सेवाधिकारियों तक पहुंचाते हैं। सोमवार को सुबह बालभोग समय पर नहीं पहुंचा। हंगामे के बाद यह सामने आया कि कमेटी ने हलवाइयों का पिछला भुगतान नहीं किया था, इसी वजह से वे काम पर नहीं आए। इस बात को लेकर मंदिर परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

Vrindavan Bankey Bihari Temple: घटना पर सेवायतों ने क्या कहा?

Vrindavan Bankey Bihari Temple
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सेवायतों ने मांग की है कि हलवाइयों का तत्काल भुगतान किया जाए, ताकि भविष्य में ठाकुर जी की सेवा में किसी प्रकार की बाधा न आए। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसी वर्ष अगस्त में मंदिर प्रबंधन के लिए हाई पावर कमेटी का गठन किया था, लेकिन इसके गठन के बाद से ही कमेटी विवादों में रही है।

सेवायतों का कहना है कि सैकड़ों वर्षों में पहली बार बालभोग की परंपरा टूटी है। दिनेश गोस्वामी ने भी दावा किया कि उनके जीवन में यह पहली घटना है जब ठाकुर जी को बालभोग नहीं लगाया जा सका। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि हलवाइयों से बातचीत हो चुकी है और अब यह सुनिश्चित कर लिया गया है कि आगे ठाकुर जी के भोग में कोई व्यवधान नहीं होगा।

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Shivangi Shandilya

शिवांगी शांडिल्य पत्रकारिता में पिछले 2 वर्षों से सक्रिय हैं। राजनीति, विदेश, क्राइम के अलावा आद्यात्मिक खबरें लिखना पसंद हैं। गलगोटिया विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई पूरी की है। IGNOU से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई जारी है। इस दौर में वेबसाइट पर लिखने का कार्य जारी है। पत्रकारिता की शुरुआत इंडिया न्यूज़ (इनखबर) से हुई, जहां बत्तौर हिन्दी सब-एडिटर के रूप में वेबसाइट पर काम किया। वर्तमान में पंजाब केसरी दिल्ली में हिन्दी सब-एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में जन्म लेने वाली शिवांगी की शिक्षा उनके गृह जिले में ही हुई है। शिवांगी को राजनीतिक घटनाक्रम पर आलेख लिखना बेहद पसंद है।