जंग में कंगाल हुआ गरीब पाकिस्तान, सिर्फ 9 दिन की LPG और 21 दिनों का बचा डीजल, अब कहां फैलाएगा हाथ?

Summary :

War Impact On Pakistan Economy: खाड़ी देशों की जंग के बाद अब मुख्य टारगेट गैस और तेल के प्लांट बन चुके है और कई देशों में सप्लाई ठप हो गई है। इसी बीच पाकिस्तान में कोहराम मच गया है औऱ एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पास पेट्रोलियम भंडार सीमित हैं, कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए ही पर्याप्त है, जिससे मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण होने वाली ऊर्जा व्यवधानों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। 21 Days Diesel Stock Left in Pakistan: 21 दिनों के लिए डीजल बाकी पेट्रोलियम…

War Impact On Pakistan Economy: खाड़ी देशों की जंग के बाद अब मुख्य टारगेट गैस और तेल के प्लांट बन चुके है और कई देशों में सप्लाई ठप हो गई है। इसी बीच पाकिस्तान में कोहराम मच गया है औऱ एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पास पेट्रोलियम भंडार सीमित हैं, कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए ही पर्याप्त है, जिससे मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण होने वाली ऊर्जा व्यवधानों के बीच ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

21 Days Diesel Stock Left in Pakistan: 21 दिनों के लिए डीजल बाकी

21 Days Diesel Stock Left in Pakistan
21 Days Diesel Stock Left in Pakistan (Social Media)

पेट्रोलियम संबंधी सीनेट स्थायी समिति को जानकारी देते हुए पेट्रोलियम सचिव ने कहा कि देश के पास वर्तमान में 21 दिनों के लिए डीजल, 27 दिनों के लिए पेट्रोल, नौ दिनों के लिए एलपीजी और 14 दिनों के लिए जेट ईंधन का भंडार है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम आयात का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा मध्य पूर्व से आता है, और संघर्ष ने प्रमुख शिपिंग मार्गों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित कर दिया है। पाकिस्तान, ईरान के साथ होर्मुज के माध्यम से तेल शिपमेंट की अनुमति प्राप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है, जिसे मंजूरी मिलने पर चार जहाजों को कच्चे तेल का परिवहन करने की अनुमति मिल सकती है।

War Impact On Pakistan Economy: एलएनजी की आपूर्ति ठप

अधिकारियों ने संभावित गैस संकट की भी चेतावनी दी है, जिसके चलते एलएनजी की आपूर्ति में व्यवधान के कारण 14 अप्रैल के बाद देश को गंभीर कमी का सामना करना पड़ सकता है। मार्च में आने वाले आठ एलएनजी कार्गो में से केवल दो ही पाकिस्तान पहुंचे, जबकि अप्रैल के लिए निर्धारित कई शिपमेंट भी प्रभावित हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस संघर्ष के कारण वैश्विक तेल की कीमतों में भी भारी वृद्धि हुई है, जिसमें हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में वृद्धि और पेट्रोल की कीमतों में भी भारी उछाल शामिल है।

Impact on Shipment: शिपमेंट पर भी असर

शिपमेंट के समय पर भी इसका असर पड़ा है और लाल सागर के रास्ते डिलीवरी में अब लगभग 12 दिन लग रहे हैं, जबकि पहले इसमें आमतौर पर चार से पांच दिन लगते थे। इसके अलावा, अधिकारी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने के उपायों पर विचार कर रहे हैं, जबकि कमी को दूर करने के लिए उद्योगों और वाणिज्यिक उपयोगकर्ताओं को आपर्ति कम करने पर विचार कर रहे हैं।

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Himanshu Negi

हिमांशू नेगी को देश-विदेश, बिजनेस, ऑटो, टेक और गैजेट्स से जुड़ी खबरें लिखने का अच्छा अनुभव है। उन्होंने GGSIPU से संबद्ध LLDIMS कॉलेज से बैचलर ऑफ मास कम्युनिकेशन (BJMC) की पढ़ाई की है। इसके बाद HNBGU Central University से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MAJMC) पूरा किया और पत्रकारिता की शुरुआत की। दैनिक जागरण और IJCP Pvt Ltd. में इंटर्नशिप करने के बाद उन्होंने सुदर्शन टीवी चैनल में 9 PM शो के लिए प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया। वर्तमान में वह पंजाब केसरी, दिल्ली में हिंदी सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं।