#MeToo कैंपेन में कई महिला पत्रकारों के यौन शोषण के आरोपों से घिरे विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर और अभिनेता आलोक नाथ ने अदालत का रुख कर उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगानेवाली महिलाओं के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया।
उम्मीद की जा रही थी एमजे अकबर के मामले में आज सुनवाई हो सकती है, लेकिन फिलहाल यह सुनवाई टल गई है। दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने इस केस पर 18 अक्टूबर को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। हालांकि, एमजे अकबर के वकील सुनवाई पहले कराने की मांग भी कर सकते हैं। एम जे अकबर ने पत्रकार प्रिया रमानी के खिलाफ फौजदारी मानहानि का मामला दर्ज कराया, वहीं अभिनेता आलोक नाथ ने मुंबई में लेखक-निर्देशक विन्ता नंदा के खिलाफ दीवानी वाद दर्ज कराया.दोनों महिलाओं ने इसे आरोपियों द्वारा अपनाई गई धमकाने वाली रणनीति करार दिया है।
बता दें कि अकबर ने सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में प्रिया रमानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है। प्रिया रमानी इस मामले में बयान जारी कर अपनी राय रखी है। नाइजीरिया से लौटने के बाद विदेश राज्यमंत्री ने कई महिलाओं द्वारा उनके खिलाफ लगाए यौन उत्पीड़न के आरोपों को रविवार को खारिज करते हुए इन्हें ‘‘झूठा, मनगढ़ंत और बेहद दुखद’’ बताया था। सोमवार को उन्होंने कार्यभार संभालते हुए विदेश मंत्रालय की बैठकों में हिस्सा लिया।
अकबर की ओर से उतरेगी 97 वकीलों की टीम
गौरतलब है कि एमजे अकबर की ओर से जो फर्म इस केस की लड़ाई लड़ रही है, उसमें कुल 97 वकील हैं। हालांकि, सभी वकील एक साथ केस नहीं लड़ेंगे बल्कि इनमें से कोई भी वकील हिस्सा ले सकता है। जिसके बाद रमानी ने कहा कि वह इन चीजों से डरेगी नहीं, इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर वकीलों सहित कई लोगों ने रमानी की मदद की पेशकश की और कई ने क्राउड फंडिंग की मांग भी की।


Download Android App
Download iOS App



