BJP ने PM मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की सराहना की, विपक्षी पार्टी के नेताओं ने भी दिया समर्थन

Summary :

भाजपा ने गुरुवार को कोरोना वायरस महामारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि मोदी ने दूरदर्शी नेता के तौर पर संबोधित किया और कई ‘प्रेरणादायक’ सुझाव दिए। कांग्रेस के कई नेताओं ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया।

भाजपा ने गुरुवार को कोरोना वायरस महामारी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन की सराहना करते हुए कहा कि मोदी ने दूरदर्शी नेता के तौर पर संबोधित किया और कई ‘प्रेरणादायक’ सुझाव दिए। कांग्रेस के कई नेताओं ने भी प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन किया। 
भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी के करोड़ो कार्यकर्ता ‘जनता कर्फ्यू’ समेत मोदी के सुझावों को लागू करने में मदद करेंगे, जबकि केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रधानमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश के दूरदर्शी नेता के तौर पर संबोधित किया । साथ ही नड्डा ने विश्वास जताया कि लोग उनकी अपीलों को मानेंगे। 
कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा कि वह प्रधानमंत्री का समर्थन करने के लिए ‘ कर्तव्यबद्घ हैं। 
उन्होंने कहा, “ मैं प्रधानमंत्री का समर्थन करने के लिए कर्तव्यबद्घ हूं। वास्तव में, प्रधानमंत्री ने लोगों से नैतिक हथियार के साथ कोविड-19 के खिलाफ युद्ध छेड़ने को कहा है। हम रविवार और बाद के दिनों में ऐसा करेंगे।” 
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी ने महामारी से लड़ने के लिए जो सुझाव दिए हैं, वे, ‘प्रेरणादायक और जरूरी’ हैं । शाह ने लोगों से उनका पालन करने को कहा। 
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि मोदी का संबोधन गंभीरता और एक तरह से सरकार की ‘लाचारी’, दोनों को रेखांकित करता है। 
उन्होंने ट्वीट किया, “ कोई दवाई नहीं होने की वजह से मौजूदा स्थिति को देखते हुए इसे समझा जा सकता है। निवारक उपायों के अलावा स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के संबंध में आश्वासन मददगार होता।” 
माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने मोदी के संबोधन की आलोचना करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने ‘अति विज्ञापित’ संबोधन में कोरोना वायरस महामारी से लड़ने में लोगों की मदद के लिए सरकारी तैयारियों और कदमों के बारे में कुछ नहीं कहा। 
येचुरी ने कहा कि इस ‘जनता कर्फ्यू’ के बावजूद, एनपीआर के लिए घर-घर जाकर जानकारी ली जाएगी, जिसके सरकार ने एनआरसी से जुड़े अपने हलफनामे में यह कहा है। आगे बढ़ें? इस पर प्रधानमंत्री क्यों थे? 
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने सभी स्वयंसेवकों से जनता कर्फ्यू में अपना योगदान देने के लिए तैयार रहने को कहा है। 
आरएसएस के सरकार्यवाह सुरेश भय्याजी जोशी ने कहा, ‘कोरोना वायरस की चुनौती का सामना करने के लिए प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम जो आह्वान किया है, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इन सभी प्रयासों का समर्थन करता है। संकल्प और संयम इस मंत्र को लेकर 22 मार्च के जनता कर्फ्यू सहित केंद्रीय एवं राज्य सरकारों के सभी प्रयासों की सफलता के लिए सभी स्वयंसेवक अपने परिवार की मानसिकता तैयार कर समाज जागरण में भूमिका सुनिश्चित कर इस चुनौती का सामना करने में अपना योगदान देंगे।’

Shera Rajput