केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के तीन चिकित्सा अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और नियमों का उल्लंघन कर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) में कर्मचारियों की नियुक्ति पर प्राथमिकी दर्ज की है। आयुष मणि तिवारी (आईपीएस), महानिरीक्षक (कार्मिक), महानिदेशालय, सीमा सुरक्षा बल से 22 मार्च, 2022 को इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई।

तीन चिकित्सा अधिकारियों के अलावा, पांच उम्मीदवारों को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया है। आरोपियों की पहचान डॉ. एस.के. झा, सीएमओ (एसजी), सीएच बीएसएफ, कोलकाता, डॉ. मृणाल हजारिका, सीएमओ (एसजी), सीएच बीएसएफ, जोधपुर, डॉ. बानी सैकिया चेतिया, विशेषज्ञ ग्रेड-1, सीएच बीएसएफ, जालंधर व विक्रम सिंह देवठिया, गगन शर्मा, करण सिंह कोली, गुरजीत सिंह, मुकुल व्यास के रूप में की गई है।

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, सीएपीएफ को चिकित्सा अधिकारी चयन बोर्ड (एमओएसबी) – 2021 के माध्यम से आईटीबीपी के लिए चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के लिए गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा नोडल बल के रूप में नामित किया गया था। भर्ती परीक्षा सीएपीएफ के विभिन्न केंद्रों पर आयोजित की गई थी। उक्त परीक्षा 2 मार्च, 2022 से 16 मार्च, 2022 के बीच फ्रंटियर मुख्यालय बीएसएफ जोधपुर में 561 उम्मीदवारों के संबंध में आयोजित की गई।

साक्षात्कार बोर्ड के अध्यक्ष बीएसएफ के अतिरिक्त डीजी पी.वी. रामा शास्त्री ने 10 मार्च, 2022 को डीजी आईटीबीपी को सूचित किया कि कुछ अधिक वजन वाले उम्मीदवार जो बाद में मेडिकल परीक्षा टेस्ट बोर्ड द्वारा अयोग्य पाए गए वे फिट घोषित किए गए। बीएसएफ के तीन चिकित्सा अधिकारियों वाले आरएमई ने पीएसटी की तारीख के तीन दिनों के बाद समीक्षा।


Download Android App
Download iOS App



