दिंवगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद से सीडीएस का पद नौ माह से खाली पड़ा था। जिसको भरने के लिए केंद्र सरकार ने आज नए सीडीएस की नियुक्ति की घोषणा कर दी हैं। केंद्र सरकार ने नए सीडीएस के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल (रि) अनिल चौहान को नियुक्त किया हैं। वह सेना में लेफ्टिनेंट जनरल पद से पिछले साल ही रिटायर हुए थे। अनिल चौहान सेना में विभिन्न पदों में रह चुके हैं। उन्होनें कई कमान में अपनी सेवा दी हैं। चौहान दिल्ली में सैन्य महानिदेशक भी रह चुके हैं। चौहान ही बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक की भूमिका बनाने के लिए मुख्य किरदार थे।
बता दे की नवनियुक्त सीडीएस अपनी सेवा सरकार के सैन्य मामलों में सचिव के तौर पर देंगे। वह तीनों सैन्य सेवाओं के लिए प्रशासनिक कार्यों की देख-रेख करेंगे. साथ ही देश के सभी सुरक्षा एजेंसियों, संगठनों तथा साइबर कार्यों की कमान चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ के हाथों में होती हैं। इसके अलावा वह सेना में ट्रेनिंग की रूपरेखा भी देखते हैं।
म्यामांर सीमा पर उग्रवाद को खत्म को कम करने में चौहान को शिल्पी हासिल
लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान के पूर्वी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ रहने के दौरान पूर्वोत्तर क्षेत्र में उग्रवाद में बड़ी कमी आई थी। बतौर डीजीएमओ वह ऑपरेशन सनराइज के मुख्य शिल्पी थे जिसके तहत भारतीय और म्यांमार सेना ने दोनों देशों की सीमाओं के पास उग्रवादियों के विरूद्ध समन्वित अभियान चलाया था।
आपको बता दे की पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद से ही सीडीएस का पद खाली था, इसको लेकर सरकार को कई बार आलोचना का सामना करना भी पड़ा था। लेकिन सरकार को किसी ऐसे व्यक्ति की तलाश थी, सैन्य सेवा में निपुण रहा हो। नवनियुक्त सीडीएस को उग्रवाद खत्म करने की शिल्पी हासिल हैं, साथ ही वह प्लान बनाने में माहिर हैं ।


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