संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मंगलवार को सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में अलग-अलग दलों के नेता हिस्सा लेंगे। इस बैठक में सदन का कामकाज सुचारु रूप से चलाने, सत्र के दौरान विधायी कार्यों और इससे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
7 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर तक
ससंद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होकर 29 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 17 बैठकें होंगी। दिल्ली एमसीडी चुनावनतीजों के साथ संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन शुरू होगा और इसके अगले दिन गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का रिजल्ट जारी किया जाएगा। उम्मीद है कि सत्र के पहले दो दिन चुनाव रिजल्ट हावी रहेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बार पारंपरिक तौर पर सत्र से पहले आयोजित किए जाने वाली सर्वदलीय बैठक के स्थान पर कार्य मंत्रणा समिति की बैठक बुलाने का फैसला किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मंगलवार को इस समिति की बैठक करेंगे। पिछले हफ्ते ही सरकार ने शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले 16 विधयकों की लिस्ट जारी की थी।
अलग-अलग दलों के नेताओं को भेजा गया निमंत्रण
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शीतकालीन सत्र से पहले लोकसभा और राज्यसभा में अलग-अलग दलों के नेताओं को सर्वदलीय बैठक में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। इस बैठक में दोनों सदनों के कई नेताओं समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है। सरकार ने कल से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पहले महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के सदन के नेताओं को आमंत्रण भेजा गया है।
कांग्रेस ने बुलाई अहम बैठक
कांग्रेस ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले शनिवार को एक अहम बैठक बुलाई। इस बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस की संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अगुवाई में की गई। एक घंटे से ज्यादा चली इस बैठक में कांग्रेस ने महंगाई, सीमा पर तनाव, बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दों को संसद में उठाने का फैसला लिया। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस शीतकालीन सत्र के दौरान इन सब मुद्दों पर घेरने की कोशिश करेगी।
सूत्रों की मानें तो इस बार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, सीनियर नेता जयराम रमेश और दिग्विजय सिंह समेत पार्टी के कई नेता इस बार संसद के शीतकालीन सत्र में हिस्सा नहीं लेगें। ये सभी नेता शीतकालीन सत्र छोड़कर भारत जोड़ो यात्रा में अपनी भागीदारी जारी रख सकते हैं।


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