कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने राष्ट्रपति चुनाव (Presidential Election) के लिए एनडीए (NDA) उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) का समर्थन किया है। इसके साथ ही उन्होंने मुर्मू के खिलाफ कांग्रेस के विरोध पर पुनर्विचार करने की नसीहत भी दी।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘प.मोतीलाल नेहरु से लेकर आज तक कांग्रेस हमेशा “शोषित” वंचित और “आदिवासियों” के साथ खड़ी रही है, राष्ट्रपति चुनाव में एक आदिवासी महिला उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू का विरोध करना मेरे “विचार” से बिलकुल उचित नहीं है, पार्टी हाई कमान को इस पर “पुनर्विचार” करना चाहिए।
प.मोतीलाल नेहरु से लेकर आज तक कांग्रेस हमेशा “शोषित” वंचित और “आदिवासियों”
के साथ खड़ी रही है,राष्ट्रपति चुनाव में एक आदिवासी महिला उम्मीदवार द्रोपदी मुर्मू का विरोध करना मेरे “विचार” से बिलकुल उचित नहीं है,पार्टी हाई कमान को इस पर “पुनर्विचार”
करना चाहिये.— Acharya Pramod (@AcharyaPramodk) July 13, 2022
बता दें कि आज ही 10 जनपथ पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सीनियर नेताओं की एक मीटिंग बुलाई है। मीटिंग में 18 जुलाई को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के अलावा कई अन्य मुद्दो पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि दो दिन पहले ही आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राष्ट्रपति पद के लिए यूपीए के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के एक बयान को लेकर उनपर निशाना साधा था।
दरअसल, यशवंत सिन्हा ने कहा था कि राष्ट्रपति चुने जाने पर मैं संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करूंगा और सरकार को ऐसा कुछ भी करने से रोकूंगा, जिससे प्रजातंत्र का हनन हो- जैसे राज्य में चुनी हुई सरकार को गिराना। यूपीए की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के इस बयान पर प्रमोद कृष्णम ने कहा था कि ना नौ मन तेल होगा-ना राधा नाचेगी।


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