कांग्रेस ने कहा है कि तीन सप्ताह से ज्यादा समय से अफगानिस्तान में उथल-पुथल चल रही है लेकिन सरकार अब तक तालिबान को लेकर कोई नीति नहीं बना सकी है। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव बल्लव ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफगानिस्तान हमारा पड़ोसी मुल्क है और वहां हमने बड़ी संख्या में निवेश किया है। कई जगह भारत सरकार की तरफ से वहां निर्माण कार्य भी चल रहे है लेकिन सरकार तालिबान को लेकर अब कोई नीति नहीं बना सकी है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश मंत्रालय को बताना चाहिए कि अफगानिस्तान में तालिबान के आने के बाद सरकार का क्या रुख है। इसकी जानकारी देश की जनता को दी जानी चाहिए। बता दें कि विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा कि भारत और अमेरिका, अफगानिस्तान में पाकिस्तान के कदमों पर करीबी नजर रख रहे हैं।
श्रृंगला ने कहा कि भारत की तालिबान के साथ सीमित बातचीत रही है, अफगानिस्तान के नए शासकों ने संकेत दिया है कि वे भारत की चिंताओं को दूर करने के लिए व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में किस प्रकार के हालात बनते हैं, इस संदर्भ में अमेरिका इंतजार करो और देखो की नीति अपनाएगा। भारत की भी यही नीति है।
विदेश सचिव ने कहा, ‘‘उनके साथ (तालिबान) हमारी बातचीत बहुत सीमित रही है। ऐसा नहीं है कि हमारी कोई ठोस बातचीत हुई है। लेकिन अभी तक जो भी बातचीत हुई है उसमें कम से कम तालिबान यह संकेत देते दिखाई दिया है कि वे इससे निपटने में व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएंगे।’’


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