कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा के ‘संतृप्ति का शासन’ संबंधी नारे को लेकर उस पर निशाना साधा और कहा कि यह वास्तव में ‘‘बेमतलब के नारों के साथ न पचने वाला शासन’’ है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसके सामाजिक-आर्थिक संकल्प के जवाब में ट्विटर पर यह टिप्पणी की।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा ने यह रेखांकित किया कि देश अब ‘‘संतृप्ति की राजनीति और संतृप्ति के शासन’’ की ओर बढ़ रहा है तथा सरकार के कार्यक्रम लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं। रमेश ने कहा, भाजपा ने देश को एक नया मुहावरा दिया है: संतृप्ति का शासन। यह वास्तव में अर्थहीन नारों और एक लाइन के अतिरेक से जुड़ा ‘न पचने वाला शासन’ है।
सामाजिक-आर्थिक संकल्प की रूपरेखा बताते हुए प्रधान ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियां और पहल देश को संतृप्ति की राजनीति और संतृप्ति के शासन की ओर ले गई हैं तथा भारत को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना दिया है। देश में इस साल होने वाले नौ विधानसभा चुनावों और 2024 में होने वाले अगले आम चुनाव के लिए सत्तारूढ़ पार्टी अपनी रणनीति पर मंथन कर रही है।


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