कांग्रेस में जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव होने वाला है। पार्टी को कई साल बाद अपना अध्यक्ष मिल जाएगा। कई नेताओं के नाम चुनाव लड़ने के लिए सामने आ चूके है, जिसमें शशि थरूर और अशोक गहलोत के नामों की चर्चा तेज है।
हालांकि, अध्यक्ष बनने की रेस में सबसे आगे सीएम गहलोत चल रहे है। देखा जाए तो गहलोत का अध्यक्ष बनना एक तरह से तय माना जा रहा है, क्योंकि वो गांधी परिवार के काफी करीब है। उन्हें परिवार का समर्थन भी है। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ भी है।
कांग्रेस से हटेगा परिवारवाद का टैग
इसी के साथ कांग्रेस को भी गहलोत के अध्यक्ष बनने से काफी फायदा होने वाला है। क्योंकि गहलोत के अध्यक्ष बनने से पार्टी के ऊपर जो परिवारवाद का आरोप लगता रहता है, वो खत्म हो जाएगा। खासतौर पर बीजेपी इस बात को लेकर हमेशा से राहुल गांधी और सोनिया गांधी पर निशाना साधती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो पाएगा।
उत्तर भारत में कांग्रेस को अपनी जड़ करनी पड़ेगी मजबूत
वही, राजस्थान समेत कई राज्यों में चुनाव होने वाले है, इसलिए गहलोत के सीएम बनने से कांग्रेस सामाजिक समीकरण साधने की पूरी कोशिश करने वाली है। अशोक गहलोत obc समाज से आते है और कांग्रेस की अभी वहां ज्यादा पकड़ नहीं है, लेकिन गहलोत के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस की बात obc समाज तक भी जाएगी।
हम आपको बता दें, कांग्रेस को अपनी जड़ आगामी चुनावो के लिए उत्तर भारत में मजबूत करनी है तो उसके लिए हिंदी भाषी नेता अहम हो सकता है। गहलोत खुद राजस्थान से आते हैं और यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश समेत हिंदी भाषी राज्यों दबदबा है, इसलिए गहलोत के अध्यक्ष बनने से कांग्रेस को काफी फायदा है।


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