मद्रास उच्च न्यायालय ने पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरण बेदी के ओएसडी के तौर पर आईएएस अधिकारी जी टी एन दास की नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति एस सत्यनारायणन और न्यायमूर्ति पी राजमणिकम की खंडपीठ ने पी श्रवणनन की जनहित याचिका पर एक अंतरिम आदेश पारित किया।
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याचिकाकर्ता ने कहा कि बेदी ने 17 अप्रैल को केंद्र को प्रस्ताव भेजा था जिसमें दास को अपने सलाहकार के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की थी।
बहरहाल, सरकार ने अपने जवाब में कहा कि उन्हें बेदी का सलाहकार नियुक्त नहीं किया जा सकता लेकिन एक निर्धारित कार्यकाल के लिए सलाह देने के कार्य के आधार पर नियुक्त करने पर विचार किया जा सकता है।
याचिकाकर्ता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी ने 29 जून को बेदी को पत्र लिखकर दास के सेवानिवृत्त होने से एक दिन पहले उनके उत्तराधिकारी का नाम देने के लिए कहा था।
बहरहाल, यह सामने आया कि गोपनीय एवं मंत्रिमंडल विभाग ने 26 जून को एक प्रस्ताव पत्र जारी किया था जिसमें दास को प्रति माह 1,16,737 रुपये के अनुबंधित वेतन के साथ एक जुलाई 2018 से दो साल की अवधि के लिए विशेष अधिकारी (ओएसडी) नियुक्त किया।
उन्होंने बताया कि प्रस्ताव और इसके बाद नियुक्ति की प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी भेजी गई।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि सहमति के बिना नियुक्ति की गई और मुख्यमंत्री की मंजूरी गैरकानूनी तथा मनमानी है। याचिकाकर्ता ने नियुक्ति को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का रुख किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल के विशेष अधिकारी जैसा कोई पद ही नहीं है।


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