द्रौपदी मुर्मू ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को एकतरफा मुकाबले में हराने के साथ ही भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति निर्वाचित होकर इतिहास रच दिया। निर्वाचन आयोग आज द्रौपदी मुर्मू को ‘चुनाव का प्रमाण पत्र’ जारी करेगा। मुर्मू राष्ट्रपति चुनाव में विजयी हुई हैं।
निर्वाचन अधिकारी द्वारा चुनाव आयोग को परिणाम सौंपने के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय के हस्ताक्षर होंगे। इसके बाद प्रमाण पत्र केंद्रीय गृह सचिव को भेजा जाएगा, जो इसे भारत के 15वें राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में पढ़ेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह 25 जुलाई को संसद भवन के ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में होने की संभावना है। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को हराकर एकतरफा मुकाबले में भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति बनकर इतिहास रच दिया।
द्रौपदी मुर्मू ने रचा इतिहास, भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति निर्वाचित
रामनाथ कोविंद के बाद देश का 15वां राष्ट्रपति बनने के लिए मुर्मू (64) को निर्वाचक मंडल सहित सांसदों और विधायकों के मतपत्रों की एक दिन की मतगणना में 64 प्रतिशत से अधिक वैध मत प्राप्त हुए और सिन्हा के खिलाफ उन्होंने भारी अंतर से जीत हासिल की।
निर्वाचन अधिकारी पीसी मोदी ने 10 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना प्रक्रिया के खत्म होने के बाद मुर्मू को विजेता घोषित किया और कहा कि उन्हें सिन्हा के 3,80,177 वोट के मुकाबले 6,76,803 वोट मिले। वह आजादी के बाद पैदा होने वाली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की पहली राष्ट्रपति होंगी। वह प्रतिभा पाटिल के बाद राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी महिला भी हैं।


Download Android App
Download iOS App



