अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति बोले- बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए उनका सशक्तिकरण जरूरी

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए उनका सशक्तिकरण जरूरी है और यह उन्हें अपने दायित्वों को निभाते हुए अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में समर्थ बनाएगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए उनका सशक्तिकरण जरूरी है और यह उन्हें अपने दायित्वों को निभाते हुए अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में समर्थ बनाएगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि आज की निरंतर बदलती दुनिया में भारतीय महिलाएं अपने व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन के साथ-साथ राष्ट्रीय फलक पर भी उल्लेखनीय रूप से अपनी छाप छोड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत की महिलाएं हमारे देश की विकास प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रपति भवन के बयान के अनुसार, राष्ट्रपति कोविंद ने कहा, ‘‘ हमारी बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए उनका सशक्तिकरण जरूरी है।’’ उन्होंने कहा कि यह उन्हें अपने परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति दायित्वों को निभाते हुए भी अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने में समर्थ बनाएगा। 
कोविंद ने कहा कि यह दिवस महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि को सुनिश्चित करने के प्रति अपने संकल्प दोहराने का भी एक मौका है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अपनी बहनों और बेटियों को उनकी पूरी क्षमता का उपयोग करने और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में योगदान देने का पर्याप्त अवसर अवश्य प्रदान करना चाहिए।’’ गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है।

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