पश्चिम बंगाल की ममता सरकार और टीएमसी में सभी पदों पर से हटाए जाने के बाद आज पहली बार उन्होने मीडिया में कोई बयान दिया है। दरअसल, पार्थ चटर्जी को पश्चिम बंगाल स्कूल भर्ती घोटाला मामले में पिछले दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
शुक्रवार को मेडिकल जांच के लिए शहर के दक्षिण में स्थित जोका क्षेत्र में अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के बाहर उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें ‘साजिश का शिकार’ बनाया जा रहा है। बाद में अस्पताल से निकलने के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि समय बताएगा कि तृणमूल कांग्रेस ने उनके विरुद्ध जो कार्रवाई की वह उचित थी या नहीं। गिरफ्तारी से पहले चटर्जी के पास औद्योगिक और संसदीय मामलों का विभाग था। पार्थ चटर्जी के शिक्षा मंत्री रहते हुए कथित घोटाला हुआ था जिसकी जांच के दौरान चटर्जी की करीबी सहायक अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों से करोड़ों रुपये की नकदी बरामद हुई।
मिली जानकारी के मुताबिक, अर्पिता मुखर्जी के डायमंड सिटी साउथ के कॉम्प्लेक्स से उनकी 4 बड़ी लग्जरी कार गायब हो गई हैं। इनमें से 2 कार अर्पिता के नाम पर हैं। ईडी के अनुसार जब उन्होंने अर्पिता को गिरफ्तार किया उसके बाद रातों-रात अचानक से उनकी 4 लग्जरी कार गायब हो गईं। प्रवर्तन निर्देशालय का कहना है कि उन कार में भारी मात्रा में कैश रखा गया था जिसे गायब करने की कोशिश की गई है। फिलहाल सीसीटीवी फुटेज देखकर कारों का सुराग लगाए जाने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि इससे पहले ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के एक फ्लैट से लगभग 28 करोड़ रुपये नकदी समेत कई किलोग्राम सोना और संपत्तियों के दस्तावेज भी बरामद किए गए थे। तो वही पिछले हफ्ते ईडी ने कोलकाता में उसके एक और फ्लैट से 21 करोड़ रुपये से ज्यादा की बेहिसाब नकदी जब्त की थी।


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