बिहार के भोजपुर जिले में भाजपा नेता विश्वेश्वर ओझा हत्याकांड के मुख्य गवाह की शु्क्रवार को कथित रुप से अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि इस गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हो गया जिसने इस संबंध में शोर मचाया।
ओझा की फरवरी 2016 में भोजपुर जिले के शाहपुर थानाक्षेत्र में सोनवर्षा और पारसौरा गांवों के बीच नकाबपोश हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष ओझा 2015 में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े थे और हार गये थे।
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पुलिस अधीक्षक अवकाश कुमार ने कहा, ‘‘आज जब कमल किशोर मिश्रा सुबह करीब सात बजे पशुओं के लिए चारा लेकर घर लौट रहे थे तब कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने उन पर गोलियां चला दीं। एक अन्य ग्रामीण अमरकांत मिश्रा ने जब बदमाशों को भागते हुए देख शोर मचाया तब बदमाशों ने उस पर भी गोली चला दी।’’
कुमार के अनुसार अमरकांत मिश्रा ने बताया कि तीन व्यक्तियों ने उन दोनों पर हमला किया था। अमरकांत मिश्रा का आरा सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है।
पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘कमल मिश्रा ओझा हत्याकांड में चश्मदीद थे और उन्होंने इसी साल अपनी गवाही पूरी की थी। इस गवाही के बाद उनके अनुरोध पर ही उनका सुरक्षा घेरा हटा लिया गया था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम अपराधियों की धर-पकड़ के लिए छापे मार रहे हैं।घटना की जगह से पांच खाली कारतूस मिली हैं। ’’ ओझा के भाई भुवर ओझा ने दावा किया कि इस घटना से बाकी गवाहों के मन के अंदर डर पैदा होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कमल किशोर की मृत्यु से इस मामले में सुनवाई पर बुरा असर पड़ेगा।’’


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