कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पार्टी का पदभार संभाल लिया है। इसके साथ ही कांग्रेस में एक नए युग की शुरुआत हो गई। खड़गे के कांग्रेस की कमान हाथ में लेने से पहले पार्टी के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि “केवल राहुल ही मोदी को चुनौती दे सकते हैं …”।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार थे गहलोत
किसी वक़्त कांग्रेस अध्यक्ष पद के मजबूत दावेदार रहे गहलोत का ये बयान काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक समय तो लग रहा था कि वह ही पार्टी अध्यक्ष बनेंगे। हालांकि, राजस्थान में उनके समर्थक कांग्रेस विधायक चाहते थे कि गहलोत मुख्यमंत्री पद का दायित्व भी संभाले रहे। इस वजह से गफलत हो गई और गहलोत के हाथ से यह पद छूट गया।
कमान संभालने से पहले खड़गे का गांधी को नमन
कांग्रेस के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी की कमान संभालने से पहले राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस मुख्यालय 24 अकबर रोड पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पार्टी चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में जीत का प्रमाणपत्र मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दिया।
कर्नाटक के दलित समुदाय से ताल्लुक रखने वाले 80 वर्षीय खड़गे ने 17 अक्टूबर को हुए ऐतिहासिक चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी 66 वर्षीय शशि थरूर को मात दी थी। पार्टी के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ था। 24 साल बाद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति कांग्रेस का अध्यक्ष बना है।
कांटों से भरा होगा ताज
खड़गे को 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी को मजबूत करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के बेहतर करने की उम्मीदें बड़ी चुनौती है, वहीं राजस्थान व कर्नाटक में पार्टी के भीतर जारी रस्साकशी ने पार्टी की परेशानी और बढ़ा दी है। ऐसे में 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी को एकजुट करना खड़गे के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।


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