नई दिल्ली, 2 नवंबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सॉफ्टवेयर आयात के नाम पर विदेशों में अवैध रूप से धन भेजने के मामले में दिल्ली और कोलकाता के सात ठिकानों पर छापेमारी की है। कार्रवाई के दौरान 47 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा जब्त की गई है।
ईडी के विशाखापत्तनम सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत यह कार्रवाई की। एजेंसी के अनुसार, इस मामले में अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) की प्रारंभिक अनुमानित राशि करीब 1,500 करोड़ रुपये है।
छापेमारी के दौरान ईडी ने 47 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी के अलावा 5,900 अमेरिकी डॉलर, 2,200 यूएई दिरहम और 5,600 चीनी युआन (रेनमिन्बी) बरामद किए। इसके साथ ही बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक दस्तावेज, रिकॉर्ड, संपत्ति संबंधी कागजात और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि इनसे अवैध धन के लेन-देन और शेल कंपनियों के माध्यम से विदेश भेजे जाने के सबूत मिले हैं।
ईडी की जांच विशाखापत्तनम के एमवीपी पुलिस थाने में आयकर विभाग की शिकायत पर दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। मामले में वड्डी महेश और अन्य लोगों पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल असली दस्तावेजों की तरह करते हुए विभिन्न बैंकों के माध्यम से विदेशों में धन भेजने का आरोप है।
जांच में सामने आया कि वड्डी महेश ने अपने पिता और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर कोलकाता में कई कंपनियां बनाई थीं और उनके नाम पर बैंक खाते खोले थे। इन खातों के जरिए 569.03 करोड़ रुपए सिंगापुर, हांगकांग और चीन की पांच कंपनियों को कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर खरीदने के नाम पर भेजे गए।
हालांकि, ईडी के अनुसार बैंकों को विदेशी कंपनियों के फर्जी चालान (इनवॉइस) दिए गए और इन भुगतानों के बदले कोई सॉफ्टवेयर आयात नहीं किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि भीमेंद्र कुमार गोयल, जिन्हें कोफेपोसा के तहत तीन बार हिरासत में लिया जा चुका है, कथित तौर पर सीमा शुल्क (कस्टम ड्यूटी) से बचते हुए भारत में कॉस्मेटिक उत्पाद, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़ा सामग्री की तस्करी करते थे। एजेंसी का आरोप है कि तस्करी से अर्जित धन को विदेश भेजने और उसे वैध दिखाने के लिए उन्होंने अपने सहयोगियों के माध्यम से वड्डी महेश से संपर्क किया।
ईडी की जांच के मुताबिक, वर्ष 2014 से 2017 के बीच वड्डी महेश ने अपनी शेल कंपनियों के बैंक खातों में विभिन्न स्रोतों से धन प्राप्त किया और भीमेंद्र कुमार गोयल के निर्देश पर उसे विदेश भेज दिया।
यह राशि सिंगापुर और हांगकांग की निष्क्रिय या नई स्थापित कंपनियों में जमा की गई, जिनका संचालन नामित निदेशकों के माध्यम से किया जा रहा था। बाद में यह धन भीमेंद्र कुमार गोयल और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों स्विस फॉक्स पीटीई लिमिटेड तथा भाव टेक्नोलॉजी चाइना लिमिटेड के खातों में भेजा गया, ताकि अवैध धन को वैध दिखाया जा सके।
जांच में आगे यह भी पता चला कि भीमेंद्र कुमार गोयल ने पवन कुमार रल्ली के साथ मिलकर नई दिल्ली में फर्जी नामों और नकली पतों पर मेहक ओवरसीज, करण ओवरसीज और गीत एंटरप्राइजेज नामक फर्जी फर्में संचालित कीं।
ईडी के अनुसार, अवैध धन का एक हिस्सा विलेज हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट के माध्यम से विदेश भेजा गया, जिसे सिंगापुर स्थित ईगल माउंट ट्रेडिंग पीटीई लिमिटेड में प्राप्त किया गया। इस कंपनी का लाभकारी स्वामित्व आशीष टोडी के पास बताया गया है।
मामले में आगे की जांच जारी है।
–आईएएनएस
एएमटी/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



