भारत एवं चीन के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एवं चीनी प्रधानमंत्री ली कचियांग के बीच बधाई संदेशों का आदान प्रदान हुआ जिसमें दोनों देशों के बीच परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाने तथा एकजुटता से वैश्विक चुनौतियों का सामना करने का संकल्प जताया गया।
सूत्रों के अनुसार श्री कोविंद ने भारत चीन के बीच विकास साझेदारी को मजबूत बनाने के इरादे का इजहार करते हुए कहा कि बीते कुछ वर्षों में भारत एवं चीन ने राजनीतिक आर्थिक एवं जनता के बीच संपर्क में बढ़तरी हुई है। दो प्राचीन सभ्यताओं वाले पड़सी देशों के बीच अच्छे संबंध ना केवल हमारे पारस्परिक भरोसे बल्कि समूचे विश्व की शांति एवं समृद्धि के लिए त्ररूरी है।
श्री कोविंद को भेजे संदेश में चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि बीते 70 वर्षों में दोनों देशों ने शांति एवं समृद्धि के लिए रणनीतिक एवं सहकारी साझेदारी स्थापित की है और अब वे विकास साझेदारी खड़ करने का मिलकर प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में घनिष्ठ सहयोग के बाद प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भी समन्वय एवं सहयोग बढ़ रहा है। दोनों देश अपने संबंधों में नयी शुरुआत के बिन्दु पर पहुंच गये हैं जहां से दोनों नये अवसरों का लाभ उठाएंगे।
सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने श्री ली कचियांग को भेजे संदेश में कहा कि भारत और चीन को परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाते हुए एकजुट होकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से पिछले 70 वर्षों में भारत और चीन के राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का विस्तार हुआ है। दोनों देशों को परस्पर सहयोग को और मजबूत बनाते हुए एक दूसरे के साथ मिलकर वैश्चिक चुनौतियों का मुकाबला करना चाहिए।
चीनी प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारत के साथ चीन के संबंध मित्रता, सहयोग और परस्पर लाभ पर आधारित हैं। इनसे दोनों देशों और वहां के लोगों के बुनियादी हित पूरे हो रहे हैं। साथ ही इससे एशिया क्षेत्र और समूचे विश्व को भी फायदा मिल रहा है।


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